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ईद अल-फितर मुसलमानों की आत्मा और हृदय की शुद्धि के उपलक्ष्य, मेहमानीए ख़ुदा की बरकत है । इस दिन को ग़नीमत जानें इस लिए कि यह इस्लामी दुनिया की एक सामान्य है, इसके ज़रीयह मुसलमानों के बीच एकजुटता पैदा करना चाहिए, क्योंकि आज मुस्लिम राष्ट्र को इस एकजुटता की ज़रुरत है। अयातुल्ला सैय्यद अली खमेनई 2005/11/04