IQNA

क्रांति का क़ुरानिक क़ाफिला,वर्ष 57 में मातृभूमि पर इमाम ख़ुमैनी (र.) के आगमन की वर्षगांठ के अवसर पर फ़ारस की खाड़ी के ग्लेशियर के पानी में सेना के विध्वंसकों का मेहमान बना।