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अली शरिअती मज़यानी डॉ अली शरिअती के नाम से मशहूर 22 नवम्बर 1933 को सब्ज़ेवार काहक गाँव में पैदा हुए और 18 जुन 1977 को इंग्लैंड के साउथेम्प्टन में मृत्यु हुई । वह एक लेखक, समाजशास्त्री, धार्मिक विद्वान, एक धार्मिक और राजनीतिक कार्यकर्ता और ईरान की इस्लामी क्रांति के सिद्धांतकार थे। शरीअती ने इस्लाम के इतिहास और समाजशास्त्र पर एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने वास्तविक और क्रांतिकारी शियावाद की वापसी को सामाजिक न्याय की प्राप्ति के लिए एक बल दिया। ईरान की इस्लामी क्रांति में योगदान के लिए उनकी महान प्रतिष्ठा के अलावा, शीयत समाज में धर्म और परंपरा को पुनर्जीवित करने और राजशाही के बारे में जागने के लिए अपने काम के लिए भी प्रसिद्ध थे। उनकी मृत्यु 44 साल की उम्र में यूनाइटेड किंगडम में हुई थी और उनके शरीर को सीरिया के दमिश्क में ज़ैनबे कुबरा की कब्र के पास एक जगह पर पर दफन किया गया है। तेहरान नगरपालिका द्वारा आप का संग्रहालय बना दिया गया है।