
अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) पश्चिम एशिया शाखा, Hojatoleslam Seyed Heidar अली हाशमी, मस्जिद जामेअ Soltanieh मज़ारे शरीफ़ ने शुक्रवार 1 अगस्त की प्रार्थना में भक्तों को तक़्वा की दावत देते हुऐ, धार्मिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और समाजिक विभिन्न विषयों पर भाषण दिया.
इस धार्मिक विद्वान ने पैगंबर (PBUH) की परंपरा के उचित पालन के महत्व को बताते हुऐ कहा: युद्धों और लड़ाइयों में सैन्य कर्मियों को, पैगंबर मुहम्मद (स.व.) के व्यवहार को अपने मॉडल के रूप में लेना चाहिऐ, और उन लोगों जैसा नहीं होना चाहिऐ जो इस्लाम का दम भरते हैं लेकिन जब इस पर क़ब्ज़ा कर लेते हैं तो उसके विपरीत अमल करते हैं.
मस्जिद जामेअ Soltanieh मज़ारे शरीफ़ शुक्रवार की नमाज के ख़तीब ने कहाः आज कल "दाइश" कहे जाने वाला समूह, जो इराक और सीरिया में एक इस्लामी राज्य बनाने के लिए निर्दोष लोगों की हत्या और महिलाओं के साथ बलात्कार कर रहा है पैगंबर मुहम्मद (PBUH) के व्यवहार के विपरीत कर रहा है.
Hojatoleslam हाशमी ने गाजा पट्टी में फिलीस्तीनी लोगों की खतरनाक स्थिति की ओर इशारा करते हुऐ कहा, गाजा में नागरिकों और निर्दोष लोगों की हत्या के कई दिनों बाद आज बात एक बहुत ही संवेदनशील और कठिन हालत पर पहुंच गई है.
उन्हों ने बात जारी रखते हुऐ गाजा में स्थिति के बारे में अरबी और इस्लामी देशों के घातक चुप्पी की ओर इशारा करते हुऐ कहा कुछ गैर-इस्लामी देशों में फिलिस्तीनी जनता के समर्थन में प्रदर्शन आयोजित हुऐ और लोगों ने तीव्र प्रतिक्रिया के संकेत दिऐ लेकिन कुछ इस्लामी व अरब देशों ने घातक चुप्पी साध ली है.
इस सर्वोच्च धार्मिक गुरू ने कहाः कि इन हमलों में मारे जाने वाले अधिकतर लोग महिलाऐं और बच्चे हैं यदि यह स्थिति जारी रही तो दुनियाऐ इस्लाम को ऐक महान खतरे का सामना करना पड़ेगा.
उन्हों ने इसी तरह अफगानिस्तान के Ghor प्रांत में 27रमजान, को निर्दोष लोगों की हत्या की ओर इशारा करते हुऐ कहाः अफगानिस्तान के लोगों में दुश्मन विभिन्न जातीय व समूहों के बीच विभाजन करना चाहता है कि इस षड्यंत्र के खिलाफ लोगों को जागरुक और सतर्क होना चाहिए और सरकार को भी इन अपराधों के एजेंट्स के साथ गंभीर और जिम्मेदार कार्वाई करनी चाहिऐ.