राजनीतिक और सामाजिक समूह: Hojjatoleslam सै.अली "Fazlollah बेरूत के ख़तीबे जुमा, ने कहा:" इस्लामी गणराज्य ईरान पर पश्चिमी दबाव इस बात का संकेत है,कि ईरान के निहित शैक्षिक अनुभव और इस अनुभव के अरब और मुस्लिम दुनिया में प्रवेश करने से दुश्मन डर रहा है.
ईरान के कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) लेबनान शाखा के अनुसार, अली Fazlollah न शुक्रवार प्रार्थना उपदेश में 1 October को दक्षिणी बेरूत में इस बात की ओर इशारा करते हुऐ कि मध्य पूर्व में शांति की प्रक्रिया के विफलता के बाद और यहूदी शासन की आक्रामक नीतियों के चलते कहा: दूसरी ओर दुश्मन, राजनीतिक maneuvering और विभिन्न अलग अलग कोशिशों से प्रयास कर रहा है कि ईरानी वैज्ञानिक प्रगति को अपने नियंत्रण में लेले.
उन्होंने कहा: ईरान के खिलाफ विभिन्न मोर्चों पर इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर होरही है;जो इस्लामी ईरान के विज्ञान अनुभव प्रामाणिकता का संकेत और स्पष्ट कारण है कि दुश्मन विज्ञान के इस अनुभव को अरब और मुस्लिम दुनिया में स्थानान्तरण से डररहा है.
बेरूत ख़तीबे जुमा ने अपने उपदेशक में कहा: मैं ताकीद करा हूं, कि इस्लामी देशों विशेष रूप से अरबी देशों के लिऐ आवश्यक है,कि इस साजिश के बारे में बाख़बर रहें और अपने लक्ष्यों व आकांक्षाओं की निस्बत जागरूक रहें, और ईरान जैसे इस्लामी उम्मा के मुद्दों पर बाक़ी रहें ता कि वैज्ञानिक सहयोग और राजनीतिक और इस्लामी सहयोग के आस्मान और रौशन हों.
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