ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)के अनुसार, समाचार एजेंसी इबा के हवाले से, बहरीनी शिया मौलवियों की परिषद ने इस संबंध में कहा: यहूदी प्रतिनिधिमंडल को बहरीन की यात्रा की अनुमति देने के लिए, बहरीन राष्ट्र और इस्लामी उम्मा का अपमान और मुसलमानों कोअपमानित करना है.
अली रहमह, बहरीनी शिया मौलवियों की परिषद के उपाध्यक्ष, इस बारे में कहा: अमेरिकी अतिवादी यहूदी संगठनों में से एक के साथ संबद्धित बोर्ड की बहरीन की यात्रा पर आधारित समाचार में बताया कि बहरीन की यात्रा के लिए बोर्ड को लाइसेंस दिया गया है, यह हक़ीक़त में हजारों फिलीस्तीनी शाहीदों के रक्त, घायल और पीड़ित लोगों पर अत्याचार को अनदेखा करना है.
अली रहमह ने इसकी ओर इशारा करते हुऐ कि अरबी और इस्लामी राष्ट्र यहूदी शासन के साथ किसी भी समझौते और फिलीस्तीनी लोगों की आकांक्षाओं से पीछे होने के विरोध में हैं, कहा,: जो लोग बेहतर सुविधा पाने के लिऐ आतंकवादी यहूदी शासन के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया की कोशिश करते है,अच्छा है कि फिलिस्तीन का समर्थन करें.
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