ईरानी कुरान समाचार ऐजेंसी (IQNA) Qom शाखा, Hojatoleslam अली रज़ा आराफ़ी, जामेअतुल मुस्तफ़ा अल-आलमियह के अध्यक्ष ने 20 फ़रवरी सुबह को इमाम खुमैनी स्कूल में गैर ईरानी विद्वानों के सांस्कृतिक सहयोग के पहले सम्मेलन में इस बयान के साथ कहा : कि जामेअतुल मुस्तफ़ा अल-आलमियह के सांस्कृतिक और शैक्षिक संगठनों की गतिविधियों में इस्लामी Ummah की एकता और अखंडता को नज़र में रख जाना चाहिए तथा जो कुछ इस्लामी राष्ट्र की एकता को कमजोर करे वह देशद्रोह है.
उन्होंने कहा: आज इस्लामी देशों में इस्लामी जागरण की लहर शुरू हो गयी है और सभी को एक साथ एक ध्वज के नीचे आना चाहिए.
उन्होंने जारी रखते हुऐ कहा: इस्लामी उम्मा के बीच विशेष रूप से इस युग कि एकता की अधिक जरूरत है, किसी को भी मतभेद नहीं डालना चाहिऐ.
आराफ़ी ने नबीऐ मुकर्रमे इस्लाम (स.) के जन्म की बधाई देते हुऐ कहा: पैगंबर मुहम्मद (स.) बिल्कुल सही इन्सानी मॉडलहै, और यह बिंदु आपके पूर्ण होने की ओर इशारा है.
Qom सेमिनरी टीचर्स सोसायटी के सदस्य ने कहा: नबी अकरम सभी मानवता के लिऐ पैटर्न और चमकते सूरज हैं कि सभी ब्रह्मांड उनसे जीवन लेता है .
इसी तरह समारोह के अंत अलमुस्तफ़ा के नऐ शैक्षिकऔर सांस्कृतिक संगठनों के लिए सात परमिट प्रतीकात्मक मुद्दे के रूप में जारी किऐ व नक़ाब कुशाई की.
Hojatoleslam सालेह, जामेअतुल मुस्तफ़ा के शैक्षिक -सांस्कृतिक सहायक ने भी इस समारोह में जामेअतुल मुस्तफ़ा की शिक्षा और सांस्कृतिक संगठनों की गतिविधियों में क़ुरान को मर्कज़ बनाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया.
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