अंतरराष्ट्रीय समूह: "शेख खालिद Almala, दक्षिणी इराक में सुन्नी मौलवियों के संघ के प्रमुख ने एक बयान जारी करके कुछ कट्टरपंथी समूहों द्वारा शिया बुज़ुर्गों और नेक लोगों की दरगाहों और धार्मिक स्थलों को नष्ट करने की धम्कियों व गतिशीलता की वजह से मुस्लिम विश्व में सांप्रदायिक राजद्रोह के खतरे की चेतावनी दी है.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) डाटाबेस "Alkvsr" के हवाले से,शेख खालिद Almala ने इस बयान में कहा:इन उग्रवादी समूहों की धम्कियों व कार्वाईयों जो कि मिस्र के कुछ प्रांतों में शिया बुज़ुर्गों और नेक लोगों की मज़ारों व क़ब्रों को आग लगाने पर ख़त्म हुई जो कि मिस्र के लोगों के विरोध और अल अजहर विद्वानों व मिस्र के मुफ्ती की प्रतिक्रिया पर भी शामिल थी और मिस्र के विद्वानों ने इस कार्रवाई को अमानवीय कार्रवाई बताया है.
उन्होंने आगे चल कर विद्वानों और अल अजहर विचारकों तथा "अली जुमा" मिस्र के मुफ्ती की, उग्रवादी समूहों की कार्रवाई जो शिया बुज़ुर्गों और नेक लोगों की मज़ारों व क़ब्रों को नष्ट करना चाहते, को रोकने के लिए अपील की सराहना की और मुस्लिम विश्व में राजद्रोह और विभाजन करना इन कट्टरपंथी समूहों का उद्देश्य बताया.
दक्षिणी इराक में सुन्नी मौलवियों के संघ के प्रमुख ने बयान के अंत में मुस्लिम विद्वानों और विचारकों से अपील की किइस तरह के उत्पीड़न को रोकने के लिए गंभीर उपाय तलाश करें.
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