ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)साइट जानकारी nahrainnet केे हवाले से,नार्वे नागरिकों ने इस विरोध प्रदर्शन में हत्याओं,अल सउद अल खलीफा सैन्य शासन द्वारा बहरीन में प्रदर्शनकारियों के दमन की जो अमेरिकी सरकार की हरी बत्ती के साथ किया जारहा है निंदा की.
शहर ओस्लो का विरोध प्रदर्शन इस शहर के स्क्वायर से शुरू हुआ और इस सिटी«olso - एस»के "कार्ल जोहन" मुख्य स्ट्रीट तक जारी रहा, फिर प्रदर्शनकारियों ने नार्वेजियन संसद के सामने जमा हुऐ और सांसदों तथा केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह यूरोपी संघ और संयुक्त राष्ट्र को मजबूर करे कि हत्या, आतंकवाद, नजरबंदी,प्रताड़ना और बहरीनी प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे चलाने से बहरीनी सरकार को रोकें.
यह विरोध प्रदर्शन ओस्लो में अमेरिकी दूतावास के सामने तक चला और प्रदर्शनकारियों ने अल खलीफा शासन के लिए अमेरिकी समर्थन जारी रखने की निंदा में नारे लगाऐ और आले सउद के सैनिकों के बहरीन से निष्कासन की मांग की.
खलील,अमेरिकी दूतावास के सामने एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों में उपस्थित एक नार्वेजियन पत्रकार ने अपने भाषण में,बहरीनी लोगों के खिलाफ अल खलीफा के अपराधों से पर्दा उठाते हुऐ कहा: बहरीनी सरकार,इस देश के लोगों के शांतिपूर्ण क्रांति को दबाने ललिऐ जो कि आजादी और सच्चे लोकतंत्र की मांग कर रहे हैं ,अलग अलग तरीकों जैसे प्रदर्शनकारियों को यातना देना और दुरुपयोग के ज़रये से दमन कर रहे हैं.
इस नार्वेजियन पत्रकार ने बल दिया: नार्वे नागरिकों और इस देश में रह रहे अन्य मुसलमानों ने 23 मई को भी अमेरिकी दूतावास के सामने जमा होकर अल खलीफा तानाशाहों से अमेरिकी अधिकारियों के समर्थन जारी रखने की निंदा की.
अंत में, उन्हों ने जोर दिया: "बराक ओबामा, अमेरिकी राष्ट्रपति, अपने हाल के भाषण में अल खलीफा शासन को एक दोस्त और देश सहयोगी के रूप में बताया कि यह शब्द ख़ुद बहरीन शासन के अपराधों के लिए जिम्मेदार अमेरिका को बना देते हैं.
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