अयातुल्ला मोहम्मद अली तस्ख़ीरी मुस्लिम धार्मिक सन्निकटन विश्व सभा के महासचिव ने ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के साथ एक साक्षात्कार में अफगानिस्तान में अमेरिकियों द्वारा कुरान अपवित्रता और इस्लाम विरोधी बढ़ती प्रवृत्ति के बारे में कहा: कि मेरा मानना है कि अगर हम घटनाओं की इन श्रृंखलाओं को एक साथ रखें तो दुश्मनों का उद्देश समझ में आजाऐगा.
विश्व विधानसभा सन्निकटन के महासचिव ने कहा: यह बहुत बड़ा अपमान जो अमेरिकियों ने अफगानिस्तान मे किया और स्वयं अमेरिका में पवित्र कुरान के संबंध में अपमान होते रहे और वह अपमान जो कल Zionists द्वार अल अक्सा मस्जिद तथा नमाज़ियों का अपमान किया जाना, तथा गंभीर हमला जो पश्चिम और अरब लीग द्वारा सीरिया के विरूध किया जारहा है और सीरिया के दोस्तों के नाम से सम्मेलन का आयोजन जो वास्तव में दुश्मिनाने सीरिया सम्मेलन है, यहूदी नेताओं द्वारा लेब्नान को ख़त्म करने की हाल में धमकी,साथ ही ईरान के ख़िलाफ़ पाबंदियां,ईरान के विरुध साज़िशें ओर घेराबंदी,अगर इन सब को ऐक साथ रख कर देखें तो समझ में आजाऐगा कि बड़ी ताक़तों का उद्देश इस्लामी राष्ट्र और इस उम्मत के प्रतिरोध की आत्मा को कमजोर करना और अंत में वैश्विक अहंकार की परियोजनाओं को लागू करने के लिए क्षेत्र तैय्यार करना है.
उन्होंने कहा कि इसलिए मुझे लगता है कि इस्लामी उम्मा इतना संवेदनशील हो कि वैश्विक अहंकार और अंतरराष्ट्रीय इजरायलवाद, गतिशीलता के विरुध उचित प्रतिक्रिया दे.
अयातुल्ला तस्ख़ीरी ने आगे कहाःइस तरह की प्रतिक्रिया जो अभी तक देखी गई है पाप और अपराध के स्तर के अनुरूप नहीं है.
वैश्विक सन्निकटन महासभा के महासचिव ने जारी रखते हुऐ कहा: अफ़ग़ानी लोगों ने वास्तव में 20 से अधिक शहीदों ने इस अपवित्रता पर आपत्ति करते हुऐ बलिदान किए. लेकिन मुस्लिम देशों के लोगों को जल्द ही अपनी मजबूत प्रतिक्रिया को दिखाना चाहिऐ ता कि अभिमानी शक्तियों को पता चले कि मुस्लिम जनता के मनोबल को कमजोर नहीं किया जा सकता है.
अयातुल्ला तस्ख़ीरी ने इस अपराध के ख़िलाफ़ ईरान के अंदर हुई प्रतिक्रियाएँ और इस का चुनाव की छाया में होने के बारे में कहाः जा रहा है, कि हमारे रोजगार और घरेलू समस्याऐं इन अपराधों और अपवित्रता के संबंध में प्रतिक्रिया देने में रुकावट नहीं होना चाहिएं.
वैश्विक सन्निकटन महासभा के महासचिव ने बल दिया: वास्तव में चुनाव गतिविधियां एक महान इस्लामी आंदोलन है इस्लामी गणराज्य प्रणाली की रक्षा और इस प्रणाली की स्वीकृति की निशानी है और कुल मिला कर एक बहुत बड़ा कदम है.
अंत में उन्होंने कहा, लेकिन हमें इस मुद्दे की उपेक्षा नहीं करना चाहिए कि ईरान के लोगों को मुस्लिम दुनिया में सबसे आगे हों और इन अहंकारी आंदोलनों के संबंध में उचित प्रतिक्रिया दिखाना चाहिए.
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