अंतरराष्ट्रीय समूह: इस्लाम ने मुसलमानों को सिफारिश की है कि विभाजनकारी बातों से बचें और दूसरों का मान, सम्मान करें और परामर्श तथा विनिमय जानकारी पेश करें, इस्लाम न्याय, स्वतंत्रता, पूर्ण सुरक्षा और मानव अधिकारों के सम्मान का रक्षक है.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA), मोहम्मद हसन Tbrayyan, इस्लामी धार्मिक अनुमानित की इंटरनेशनल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ने परसों 1 मई को, धर्म और समकालीन जागृति पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में एक भाषण के दौरान कहा: सामाजिक प्राणी के रूप में मनुष्य अपने रिश्तों में दोस्ती, सहिष्णुता और आपसी विश्वास की रोशनी में अपने अनुभवों को एक दूसरे के साथ हस्तांतरण करे.
उन्होंने जोर दियाः इस्लाम के अनुसार, सभी इंसान बराबर हैं और श्रेष्ठता की एकमात्र कसौटी धर्मपरायणता(तक़्वा) है. इस्लाम में मुसलमानों और अल्पसंख्यकों के बीच कोई भेदभाव नहीं है.
अंत में Tbrayyan ने कहा: इस्लाम कोई नया धर्म नहीं है, बल्कि शुरुआत से था.पिछले भविष्यद्वक्ताओं ने एक ही धर्म का प्रचार किया है. इसके बावजूद कुरान के अनुसार इस्लाम स्वीकार करने में कोई ज़बरदस्ती नहीं है.
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