ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) की रिपोर्ट के अनुसार दो दिवसीय सम्मेलन के आयोजन का उद्देश्य मुसलमान और इस्लाम की वर्तमान समस्याओं और स्थित की समीक्षा करना है. इस सम्मेलन में भारतीय विद्वानों जैसे सादिक़, आरिफ, निजामुद्दीन, हिफ़्ज़ुर्रहमान रहमान और शकील सिद्दीकी ने भाग लिया. उल्लेखनीय है कि यह सम्मेलन 12 और 13 जून को आयोजित हुआ.
उपदेशकों अपने भाषण में कहा इस्लाम का दुश्मन, मुसलमानों को आतंकवादी समझता है, लेकिन उन्हें जानना चाहिए कि आतंकवाद की इस दीन में कोई स्थिति और स्थान नहीं है. इस्लाम विरोधी षड़यंत्र, निर्दोष मुसलमानों को बंद करना, और इस्लामी मदरसों की गतिविधियों के बारे पूछताछ करना आपत्तिजनक है. और अगर भारत सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाऐ तो हिंदुस्तान में भी बहुत जल्दी एक जनांदोलन आने वाला है.
इसी तरह हुज्जतुल इस्लाम सादिक ने अंत में मुसलमानों के खिलाफ दुश्मनों की षड्यंत्रों के बारे कहा मुसलमानों को चाहिए कि अपने मामलों की अंजाम दही के लिए प्रभु पर भरोसा रखें और कुरआन की शिक्षाओं और इमामों (अ) की ज़िन्दगी के मुताबिक़ अमल करें और दूसरी शिक्षा के साथ साथ धार्मिक शिक्षा पर भी ध्यान दें.
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