
इकना ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार बताया कि, बाबरी मस्जिद को बदलने की प्रस्तावित योजना, जो कि अयोध्या के ज़ेनिपोर क्षेत्र में बनाई जानी है, इस का अनावरण किया गया।
मस्जिद के अलावा, एक 200 बेड का अस्पताल, एक संग्रहालय और संग्रह केंद्र, एक पुस्तकालय और एक रसोईघर भी परिसर में बनाया जाएगा।
हिंदू-इस्लामिक कल्चरल सेंटर ने घोषणा की कि 26 जनवरी (मंगलवार) को इस इस्लामिक कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी जाएगी, जो भारतीय गणतंत्र दिवस का दिन है।
"ज़नीपुर" नामक यह मस्जिद 1700 वर्ग मीटर के क्षेत्र में बनाई जाएगी, जो बाबरी मस्जिद से बड़ी होगी, और इसका डिज़ाइन आम तौर पर तोड़ी ग़ई बाबरी मस्जिद से अलग है। अयोध्या की इस मस्जिद में 2,000 नमाज़ियों की क्षमता होगी।
दिल्ली स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर के प्रमुख, एसएम अख्तर, जिन्होंने कॉम्प्लेक्स को डिज़ाइन किया है, इसको हिंदू-इस्लामिक वास्तुकला की शैली में इमारत के निर्माण, और मतभेदों को दूर करने और अयोध्या में विभिन्न समुदायों के बीच मेलजोल के पुल का निर्माण बताया।
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