IQNA

16:54 - November 13, 2019
समाचार आईडी: 3474152
इंटरनेशनल ग्रुप- हज़रत पैगंबर (PBUH) ने के जन्म का जश्न समारोह नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जकार्ता, इंडोनेशिया में "मौलदुन्नबी स.व." के शीर्षक के साथ मनाया गया।

इंडोनेशिया से IQNA की रिपोर्ट, यह उत्सव बड़ी संख्या में शिया और सुन्नी मुस्लिम पुरुषों और महिलाओं के साथ एकता सप्ताह के रूप में मनाया गया।
इस समारोह में अल-उल्मा आंदोलन, इंडोनेशिया की सबसे बड़ी इस्लामी जमीअत शुमार होती है के प्रमुख आंकड़े, साथ ही साथ इंडोनेशियाई विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों की भी उपस्थित रही।
सुन्नी भाइयों के एक समूह द्वारा नअत का प्रदर्शन करने के बाद, शिया किशोरों के एक समूह ने एक याचना की। वक्ताओं में एंडी हैडिएंटो उसूलेदीन संकाय के डीन, और सुन्नी विद्वानों और अहले अल-बेत उच्च परिषद के सदस्य मोहसिन लबीब और, पैरा मदीना विश्वविद्यालय और सदरा कॉलेज के प्रोफेसर्स शामिल थे।
विद्वानों ने कुरान की आयतों का हवाला देते हुए, पैगंबर मुहम्मद (स.व.) की स्थिति को समझाया और मुसलमानों की जीत और सद्रे इस्लाम में उनकी गरिमा की वापसी व इस्लामी सभ्यता के पुनरुद्धार का रहस्य उदारवादी इस्लाम की पंक्ति का पालन करने में माना।
 
इसी तरह इस अवसर पर, इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के इस्लामिक सेंटर ने कल 12 नवंबर को हजरत रसूल अकरम के जन्म का जश्न मुसलमानों और अहलुल बेत (अ.स) के प्रेमियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया।
 
इस समारोह में, कुरान की आयतें पढ़ने के बाद, युवाओं के एक समूह ने मोलौदी को पढ़ा, उसके बाद एंडी हैडिएंटो, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जकार्ता में सामाजिक विज्ञान संकाय के डिप्टी डीन इस्लाम और प्यारे पैगंबर की राह पर चलने को मुसलमान के लिऐ आदर्श के रूप में बताया।
मोहसिन लबीब विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने पैगंबर हज़रत मोहम्मद स.व.के जन्म और बचपन और उस समय के समाज पर उनके व्यक्तिगत प्रभाव पर निबंधों की एक श्रृंखला प्रस्तुत की, और अंत में, पैगंबर की स्तवन में कुछ कविताओं को पढ़ा गया।
 3856822
नाम:
ईमेल:
* आपकी टिप्पणी :