IQNA

13:30 - February 14, 2020
समाचार आईडी: 3474446
टीकाकारों का मानना है कि अगर दूसरे देशों विशेषकर आतंकवादियों को अमेरिका और सऊदी अरब जैसे देशों का व्यापक समर्थन प्राप्त न होता तो सीरिया में आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई बहुत पहले समाप्त हो चुकी होती

आतंकवादी गुट दाइश से मुकाबले के लिए अमेरिका की अगुवाई में बने तथाकथित आतंकवाद विरोधी अंतरराष्ट्रीय गुठबंधन के अगुवा ने स्वीकार किया है कि इराक और सीरिया में अगस्त 2014 से दिसंबर 2019 तक इस गठबंधन के हमले में कम से कम 1370 आम नागरिक मारे गये हैं।

हमारे संवाददता की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की अगुवाई में बने गठबंधन ने कहा है कि यह आम नागरिक अनचाहे हमले में मारे गये हैं।

इससे पहले जनवरी में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी जिसमें कहा गया था कि इराक और सीरिया में इस गठबंधन के हमलों में 1359 आम नागरिक मारे गये हैं जबकि स्वतंत्र सूत्रों का कहना है कि इराक और सीरिया में अमेरिका की अगुवाई में बने गठबंधन में आठ हज़ार से अधिक आम नागरिक मारे गये हैं।

ज्ञात रहे कि आतंकवादी गुट दाइश से मुकाबले के बहाने अमेरिका ने 2014 में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी गठबंधन बनाया था।

जानकार हल्कों का मानना है कि अमेरिका की अगुवाई में बनने वाले तथाकथित आतंकवाद विरोधी गठबंधन का लक्ष्य आतंकवादियों की सहायता और आम नागरिकों की हत्या रहा है।

इसी प्रकार इन टीकाकारों का मानना है कि अगर दूसरे देशों विशेषकर आतंकवादियों को अमेरिका और सऊदी अरब जैसे देशों का व्यापक समर्थन प्राप्त न होता तो सीरिया में आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई बहुत पहले समाप्त हो चुकी होती। MM           https://parstoday.com

नाम:
ईमेल:
* आपकी टिप्पणी :