IQNA

14:52 - March 18, 2020
समाचार आईडी: 3474566
तेहरान (IQNA)बांग्लादेशी अधिकारियों ने बांग्लादेशी जमाअते इस्लामी पार्टी के एक नेता (अज़हरुल इस्लाम) को फांसी देने का आदेश दिया।
"अरबी 21' के अनुसार, बांग्लादेश में अंतर्राष्ट्रीय युद्ध अपराध न्यायाधिकरण के एक सूचित स्रोत ने कहा: किसी भी सजा के निष्पादन के बारे में बांग्लादेशी जेल प्रबंधन को लिखित चेतावनी के बाद, इस आदेश को अगले 15 दिनों के भीतर निष्पादित किया जाएगा।
 
इस संदर्भ में अल-इस्लाम के वकीलों ने घोषणा की है कि वे लोग उसकी मौत की सजा का विरोध करेंगे और अगर उनकी सजा में देरी नहीं हुई तो बांग्लादेशी राष्ट्रपति से माफी की मांग करेंगे ।
 
30 दिसंबर 2014 को, बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय युद्ध अपराध न्यायाधिकरण ने अल-इस्लाम की मौत की सजा का हुक्म जारी किया और देश के सर्वोच्च न्यायालय ने 31 अक्टूबर 2019 को इसे बरकरार रखा।
 
अलइस्लाम को फांसी दिऐ जाने की सूरत में वह बांग्लादेश की जमाअते इस्लामी पार्टी का छठा नेता होगा, जिसे वर्ष 1971 में हुई हिंसक कार्यवाहियों में भाग लेने और पाकिस्तान से बांग्लादेशी स्वतंत्रता का विरोध करने के आरोप में अंजाम दिया जाएगा।
 
बांग्लादेश के प्रधान मंत्री शेख़ हसीना ने वर्ष 1971 में पाकिस्तान से बांग्लादेशी युद्ध के दौरान हुए अपराधों की जांच के लिए 2009 में अंतर्राष्ट्रीय युद्ध अपराध न्यायाधिकरण की स्थापना की। इस अदालत ने अब तक कई लोगों की मौत की सजाएं जारी की हैं, विशेष रूप से जमात-ए-इस्लामी पार्टी के नेताओं की मौत की सजा थी और उनमें से कई आदेशों को लागू किया जा चुका है।
 
याद कीजिए, बांग्लादेशी जमाते इस्लामी (जमाअत के रूप में जाना जाता है) बांग्लादेश में सबसे बड़ी और प्रभावशाली इस्लामिक पार्टी है। पिछले 2001 आम चुनाव में, इस पार्टी ने संसद में 300 में से 18 सीटें जीतीं और चुनाव जीतने वाले चतुष्कोणीय गठबंधन बनाने में अपनी भूमिका के लिए दो मंत्रियों को नामित किया।
 
"जमाअत" खुद को एक वैचारिक पार्टी के रूप में प्रस्तुत करती है जो सार्वजनिक जीवन में इस्लाम की एक बड़ी भूमिका निभाना चाहती है, यह दावा करती है कि 1941 में अपनी स्थापना (जमाते इस्लामी के नाम से) के बाद से इसने अपने मूल्यों और सिद्धांतों को नहीं बदला है।
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