IQNA

14:45 - January 12, 2021
समाचार आईडी: 3475530
तेहरान (IQNA)इस्लामिक मूवमेंट ऑफ बहरीन के नेता ने आज एक बयान में आईएसआईएल द्वारा पाकिस्तान में 11 शिया खनिकों की हत्या की निंदा की और कहा: यह देश के सभी धर्मों पर अनिवार्य है कि इस विनाशकारी वबा दाइश  के खिलाफ खड़े हों।

अलमुक़ावेमत के अनुसार; इस्लामिक मूवमेंट ऑफ बहरीन के नेता अयातुल्ला शेख़ ईसा कासिम ने सोमवार को एक बयान जारी कर दाइश द्वारा 11 पाकिस्तानी शिया अल्पसंख्यक खनिकों की हत्या की निंदा की और घोषणा की कि यह आतंकवादी समूह मुस्लिम एकता की सफ़ों में रक्तपात और विनाश से प्यार करता है और करता रहेगा।
 
बहरीन के इस्लामी आंदोलन के नेता का विस्तृत बयान इस प्रकार है:
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम पर, मोस्ट ग्रैसियस, मोस्ट मर्सीफुल
 
{ أَنَّهُ مَنْ قَتَلَ نَفْسًا بِغَيْرِ نَفْسٍ أَوْ فَسَادٍ فِي الْأَرْضِ فَكَأَنَّمَا قَتَلَ النَّاسَ جَمِيعًا }
दाइश बुराई का प्रतीक व मज़हर बना हुआ है और इस्लाम की मिथ्याकरण और विकृति के रूप में बाक़ी है और बाक़ी रहेगा और इस्लाम को उन सभी लोगों की आँखों से जो इस्लाम की सच्चाई और पवित्रता और उसकी निर्दोषता, मानवता के प्रति सम्मान, रक्त और जीवन की पवित्रता में विश्वास रखने वाले हैं तथा इस्लाम के इष्टतम तर्क को किसी भी काफिर या अज्ञानी मुसलमान के सामने गिया देगा।
 
आईएसआईएल द्वारा बराबर बेगुनाहों का खून बहाना, हत्या करने में दरिंदगी, इस्लाम की अज्ञानता, उम्मा की नैतिकता से अलगाव, इस्लाम के बहुत से सिद्धांतों का उल्लंघन, धर्म में बिदअत पैदा करना,उन लोगों को  मारना जारी रखा है जो मुसलमा हैं और शहादतैन कहते हैं और प्रार्थना करते, उपवास और हज करते हैं और पवित्रता के साथ वे विचार और कर्म में भगवान की एकता पर विश्वास रखते हैं, और मुसलमानों को भेड़ की तरह क़त्ल करते हैं।
 
आईएसआईएल इसी तरह मुसलमानों की एकता की सफ़ों में विनाश और रक्तरंजित से प्यार करते है और रहेंगे, और इसकी इच्छा उम्मत के बीच विभाजन फैलाना और मतभेद और इख़्तेलाफ़ पैदा करना है।
 
पूरी उम्मत चाहे सुन्नी हों या शिया सभी संप्रदायों पर वाजिब है कि इस विनाशकारी वबा के खिलाफ खड़े होजाऐं और भविष्य की पीढ़ियों के मूल का निर्माण, धूर्त, हैवानियत और आईएसआईएल की अज्ञानता और वह बड़ा खतरा जो आईएसआईएल ने खड़ा किया है, के खिलाफ़ चेतावनी पर करें।
 
पाकिस्तान में हाल के भयानक नरसंहार और ग्यारह निर्दोष मुस्लिम खनिकों के वध ने उपरोक्त सभी मामलों में सभी का ध्यान आकर्षित किया है;ऐसे निर्दोष लोग जो किसी के साथ युद्ध में नहीं गए वे वैचारिक और बौद्धिक संघर्षों में शामिल नहीं हुए और न संप्रदायिक संघर्षों में शामिल हुए हैं।
 
आईएसआईएस वास्तव में कुरान के उपर्युक्त आयत के विरोध और उल्लंघन का एक उदाहरण है, बिना किसी विचार या चिंता के, उन्होंने मुसलमानों का खून बहाया और उसमें डूब गए।
 
ईश्वर इस्लामिक उम्मा को एकजुट करे और सभी दुश्मनों के धोके को इससे दूर रखे; काफिरों से लेकर पाखंडी, अज्ञानी और भाड़े के लोग जो इस उम्मत के साथ लड़ने के लिए नियुक्त किए गए हैं।
 
ईसा अहमद क़ासिम
 
11 जनवरी, 2021
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