IQNA

16:54 - June 07, 2021
समाचार आईडी: 3476005
तेहरान(IQNA)सिंध राज्य विधानसभा के सदस्यों ने राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में पवित्र कुरान की शिक्षा को अनिवार्य बनाने के लिए एक विधेयक पेश किया है।

न्यूज़ के अनुसार,सिंध राज्य विधानसभा के कई सदस्यों,जो तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के सदस्यों से हैं ने राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में पवित्र कुरान पढ़ाने के लिए एक विधेयक पेश किया है।
 
2021 पवित्र कुरान का अनिवार्य शिक्षण विधेयक शीर्षक वाला मसौदा कानून हाल ही में तहरीक-ए-इंसाफ पाकिस्तान के, शहज़ाद क़ुरैशी, राबिया अज़फ़र और अरसलान ताज तीन सदस्यों द्वारा प्रस्तुत किया गया था।इस बिल को मुफ्ती तक़ी उस्मानी, जमात-ए-इस्लामी नेताओं और राज्य के अन्य धार्मिक विद्वानों के परामर्श से तैयार किया गया है।
 
पीटीआई नेताओं ने विधेयक में प्रस्तावित किया कि पवित्र कुरान को छह से बारहवीं कक्षा तक अनुवाद के साथ पढ़ाया जाना चाहिए।
 
क़ुरैशी ने कहा कि सिंध सरकार को विधेयक को जल्द से जल्द कानून में बदलना चाहिए ताकि इसे तुरंत लागू किया जा सके। उन्होंने कहा, अगर बिल पास हो जाता है तो यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।
 
इसी तरह पिछले साल पंजाब राज्य के विश्वविद्यालयों में कुरान पढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया था। तदनुसार, राज्य में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सभी छात्रों को पवित्र कुरान का अनुवाद करके पढ़ाते हैं। पंजाब के राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि यह वर्तमान में विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाने वाले वर्तमान इस्लामी पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त है।
 
इस घोषणा के अनुसार, कुरान पाठ्यक्रम प्रति वर्ष एक पाठ्यक्रम के बराबर हो सकता है और इसके अंक की गणना अन्य पाठ्यक्रमों की तरह हो। यह भी संभव है कि कुरान की जगह गैर-मुस्लिम छात्रों को नैतिकता की शिक्षा दी जाए।
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