IQNA

तेहरान (IQNA) एक युवा ओमानी क़ारी हज़ाअ अल-बलूशी, ने जॉर्डन की अल-रहमा मस्जिद में एक तरतील से तिलावत किया जो अपने आप में श्रव्य है।

एकना के अनुसार बताया कि; उनका पूरा नाम "हज़ाअ बिन अब्दुल्ला बिन सालिम अल-बलूशी" है और इस उभरते हुई कारी का जन्म 1995 में ओमान के "लेवी" प्रांत में हुआ था।
उन्होंने ओमान में सुल्तान कबूस विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान का अध्ययन किया। अल-बलूशी ने छह साल की उम्र में कुरान को याद करना शुरू कर दिया था, और आठ साल बाद, 14 साल की उम्र में उन्होंने पूरे कुरान को याद कर लिया।
जॉर्डन की राजधानी अम्मान में अल-रहमा मस्जिद में सामूहिक प्रार्थना के दौरान सूरह अल-अहज़ाब की आयत 56 से 62 तक इस ओमानी कारी की तिलावत नीचे देखा जा सकता है:
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