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कुरान के पात्र / 20

पैगंबर याक़ूब की औलाद

11:48 - January 23, 2023
समाचार आईडी: 3478412
पैगंबर याक़ूब, जो "इस्राईल" के नाम से जाने जाते थे, उनकी औलाद और परिवार को बनी इस्राईल कहा जाता है। हज़रत याकूब के बच्चे और वंशज ज्यादातर मिस्र और फिलिस्तीन में रहते थे।
पैगंबर याक़ूब, जो "इस्राईल" के नाम से जाने जाते थे, उनकी औलाद और परिवार को बनी इस्राईल कहा जाता है। हज़रत याकूब के बच्चे और वंशज ज्यादातर मिस्र और फिलिस्तीन में रहते थे। अपने पिता के कहने पर, हज़रत याकूब बैनन्नहरैन यानी मेसोपोटामिया की लड़कियों से शादी करने के लिए सहमत हो गए, जो हज़रत नूह के सैलाब से बचे हुए लोग थे। उनकी पत्नियों के नाम ओलिया और राहील थे। ऐतिहासिक ग्रंथों में उनकी अन्य दो पत्नियों के नाम भी बेल्हा और जुल्फा बताए गए हैं। हजरत याकूब की 12 संतानें थीं, जिनमें से केवल युसुफ ही नबी के पद तक पहुंचे। याकूब के बच्चे सब बलवान और सुन्दर थे, परन्तु उन में यूसुफ सबसे सुन्दर था। याकूब उसे अपने अन्य बच्चों से अधिक प्यार करते थे और इस वजह से वह बचपन से ही अपने भाइयों के हसद के शिकार हैं गए। यूसुफ के भाइयों ने उसे जंगल में ले जाकर कुएँ में फेंक दिया और उनके पिता से झूठ कहा कि भेड़िये ने यूसुफ को खा लिया। लेकिन युसुफ को कुएं से बचा लिया गया और अंत में वह मिस्र पहुंच गये और कुछ समय के लिए वहां शासन भी किया। इस्लामिक ग्रंथों में, याकूब के पहले पुत्र को शमऊन कहा जाता है। शमऊन याकूब का सबसे बड़ा और बुद्धिमान पुत्र था जो अन्य भाइयों के ऊपर मुखिया था। कुरान के कुछ मुफ़स्सिरों का मानना ​​है कि शमऊन ने यूसुफ की हत्या का विरोध किया और सुझाव दिया उसे कुएं में फ़ेंक दें। लेकिन कुछ ऐतिहासिक किताबों में याकूब की पहली संतान को रऊबीन या रूबीन कहा गया है। इस बुनियाद पर, जब याकूब के पुत्रों ने यूसुफ को मारने की साज़िश रची, तो रूबुन ने, जो बड़ा पुत्र था, इसका विरोध किया। 135 वर्ष की आयु में उसका निधन हो गया और फिलिस्तीन में दफनाया गया था। लावी याकूब का तीसरा पुत्र है। उन्हें इमरान का दादा और मूसा का महान पूर्वज कहा गया है। वह अपने पिता के साथ मिस्र गया और वहीं रहा और 137 वर्ष की आयु में उसकी मृत्यु हो गई। याकूब का चौथा पुत्र येहुदा था। यहूदा को डेविड यानी हज़रत दाऊद और जीसस यानी हज़रत ईसा का पूर्वज माना जाता है। हालांकि कुछ लोगों का यह भी मानना ​​है कि यहूदी शब्द "यहूदा" से बना है। दान और नफ़्ताली याकूब की पाँचवीं और छठी संतान हैं। नपफ़्ताली के बच्चे और वंशज उत्तरी फिलिस्तीन में रहते थे। याकूब का सातवाँ पुत्र जाद था जिसके सात पुत्र थे। उनमें से प्रत्येक एक कबीले का मुखिया था। वे जोर्डन के पूर्व में रहते थे। यस्कारा, अशीर या आशिर और जबूलून भी याकूब के अन्य पुत्र हैं और उन्हें इस्राईल के क़बीलों के बुजुर्गों के रूप में माना जाता है। याकूब के सबसे छोटे बेटे और पैगंबर यूसुफ के इकलौते असली भाई (एक मां बाप से) बिन्यामीन या बिन्जामीन हैं। बिन्यामीन का नाम कुरान में प्रकट नहीं होता है, लेकिन यह यूसुफ की भाषा में "मेरे भाई" के उन्वान से अन्य भाइयों से अलग है। यूसुफ के लापता होने के बाद याकूब बिन्यामीन से प्यार करने लगे थे, वे बिन्यामीन में यूसुफ की ख़ुश़्बू महसूस करते थे और उन्हीं से आराम पाते थे। हज़रत याकूब के बच्चे सभी एकेश्वरवादी यानी तौहीद परस्त थे और हज़रत इब्राहीम और हज़रत याकूब के धर्म का पालन करते थे; जैसे कि याकूब ने अपनी मृत्यु के समय अपने पुत्रों को वसीयत की थी: «أَمْ كُنْتُمْ شُهَدَاءَ إِذْ حَضَرَ يَعْقُوبَ الْمَوْتُ إِذْ قَالَ لِبَنِيهِ مَا تَعْبُدُونَ مِنْ بَعْدِي قَالُوا نَعْبُدُ إِلَهَكَ وَإِلَهَ آبَائِكَ إِبْرَاهِيمَ وَإِسْمَاعِيلَ وَإِسْحَاقَ إِلَهًا وَاحِدًا وَنَحْنُ لَهُ مُسْلِمُونَ: जब याकूब की मृत्यु आई, तब क्या तुम उपस्थित थे, जब उस ने अपके पुत्रों से कहा, कि मेरे बाद तुम किस की इबादत करोगे, उन्होंने कहा, आप के ख़ुदा और आपके दादा, इब्राहीम, इशस्माईल, और इस्हाक़ के ख़ुदा की इबादत करेंगे, हम तो एक ही अल्लाह की इबादत करते हैं, और उसके सामने तस्लीम हैं।"(बकरह/133)
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