इक़ना की रिपोर्ट के अनुसार, इमाम रज़ा (अ.स.) क़ुरआनी कारवाँ का पहला दल, ईरान के सुप्रीम काउंसिल ऑफ़ क़ुरआन तथा ईरानी क़ुरआन क़ारियों के प्रेषण एवं आमंत्रण समिति के सहयोग से, अरबईन सांस्कृतिक मुख्यालय की क़ुरआनी गतिविधि समिति के तत्वावधान में नजफ़ अशरफ़ पहुँचा है और उसने अपनी गतिविधियाँ शुरू कर दी हैं।
इसी क्रम में, क़ुरआनी गतिविधि समिति ने हैअत-ए-रज़्मंदगान-ए-इस्लाम के सहयोग से नजफ़ अशरफ़ में अनेक क़ुरआनी महफ़िलों का आयोजन किया है। इन महफ़िलों में प्रसिद्ध राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय क़ारी पवित्र क़ुरआन की तिलावत करेंगे, ताकि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) के ज़ायरीन का आध्यात्मिक वातावरण क़ुरआन की सुगंध से महक उठे।
कार्यक्रम के अनुसार, नजफ़ अशरफ़ में कार्यक्रमों के समापन के बाद यह क़ुरआनी कारवाँ अपनी गतिविधियाँ कर्बला मुअल्ला में जारी रखेगा।
इस कारवाँ का उद्देश्य क़ुरआन और अहलुलबैत (अ.स.) की संस्कृति का प्रचार-प्रसार, अरबईन की पैदल यात्रा के आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक समृद्ध बनाना, तथा ज़ायरीन को क़ुरआन की दिव्य शिक्षाओं से अधिकाधिक लाभान्वित करना है।
पहले दल में शामिल सदस्य हैं: सैय्यद मोहम्मद हुसैनीपूर, अमीरहुसैन रहमती, सैय्यद हमीद रज़ा मुक़द्दसी, सैय्यद मुस्तफ़ा हुसैनी, वहीद करमी, जमशीद सूरगी, मोहम्मद अली करीमी, नासिर क़रहख़ानी और मोहसिन इमामी, तथा ख़ुरासान रज़वी के प्रसिद्ध तवाशीह समूह "सिलसिलतुल-ज़हब" के सदस्य भी इस कारवाँ का हिस्सा हैं।
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