इस ऐतिहासिक क़ुरआन पांडुलिपि को फ़ारसी इस्लामी विरासत और क़ुरआनी सुलेख की एक अत्यंत मूल्यवान धरोहर माना जाता है। समारोह में विद्वानों ने इसकी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला तथा इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया।