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आशूरा और आज हम / १

आशूरा पर विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण का महत्व + फिल्म

तेहरान(IQNA)मोहसिन इस्माइली ने आशूरा व्याख्यान और आज हम के पहले सत्र में कहा: "कभी-कभी हम जानना चाहते हैं कि हुसैन (अ.स) कौन थे और कर्बला में क्या हुआ था और आशूरा किस दिन है। यह बहुत अच्छा और उपयोगी है, लेकिन इससे अधिक उपयोगी यह है कि देखें हुसैन (अ.स) हमसे क्या चाहते हैं, वह क्यों शहीद हुऐ और उन्हों ने अपने उच्च क़्याम से जिसे अंजाम दिया किन लक्ष्यों का पीछा किया?

तेहरान विश्वविद्यालय के एक प्रोफ़ेसर और नेतृत्व विशेषज्ञों की सभा के सदस्य, मोहसिन इस्माइली ने कुरानिक ऑर्गनाइजेशन ऑफ एकेडमिक्स के मुबीन स्टूडियो में आयोजित "आशूरा एंड अवर टुडे" पर व्याख्यान की एक श्रृंखला में आशूरा का विश्लेषणात्मक इतिहास, इस आंदोलन की जड़ें और आज की दुनया के लिऐ उसके सबक की समीक्षा की, जिसका पहला भाग फिल्म में देखा जा सकता है
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