ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) इस्लामी संस्कृति और संबंध संगठन के शाखा के अनुसार,साबरी ने इस समारोह के दौरान जो 18 जून को मस्जिद "इमाम रज़ा" लुसाका में आयोजित किया गया, माननीय इमाम की विशेषताओं का अपने भाषण में उल्लेख किया.
उन्होंने इमाम अली (अ.स)की बंदगी को उन पहलुओं में जाना जिसकी सबसे खूबसूरत तस्वीर आप की दुआऐ Komeil में पाई जा सकती है एक एैसी विरासत है कि हर हक़ तलाश करने वाले व भगवान की राह में चलने वाले के लिए लेसन हो सकता है.
इस समारोह के दौरान लुसाका निवासी एक अरबी भाषी शिया ने अरबी में इमाम के गुणों को बयान किया और अरबी भाषा में क़सीदा ख़्वानी इमाम अली (अ.स)के जन्म उत्सव कार्यक्रम लुसाका का ऐक भाग था.
यह कहने के लायक़ है कि इस समारोह में जो लोग इमाम अली के हमनाम थे उन को आकर्षित करने के लिए एक उपहार से सम्मानित किया गया है.
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