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क़ुम में "इस्लामी क्रांति में कुरान और उसके प्रभाव" पर बैठक आयोजित की गई

18:27 - February 09, 2012
समाचार आईडी: 2271840
अंतरराष्ट्रीय समूह: अंतरराष्ट्रीय अल मुस्तफा(स0अ0) विश्वविद्यालय के कुरान और हदीस की उपलब्धियों की तीसरी अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में कुरान और हदीस की विशेष अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड सम्मेलनों में से "इस्लामी क्रांति में कुरान और उसके प्रभाव" पर बैठक क़ुम में आयोजित की गई
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)की रिपोर्ट के अनुसार अल मुस्तफा(स0अ0)विश्वविद्यालय के आभासी विश्वविद्यालय के महानिदेशक हुज्जतुल इस्लाम मोहम्मद इख़वान रौशनदिल, ने इस सम्मेलन में कि जो अल मुस्तफा(स0अ0)विश्वविद्यालय और मदरसे बिन्तुलहुदा के सहयोग से आयोजित किया गया उन्होंने कहा कि इमाम ख़ुमैनी(र0अ0)का क़याम एक हिकमते अमली की बुनियाद पर था
उन्होंने कहा कि इमाम खुमैनी(र0अ0)अकसर फर्माया करते थे कि अगर किसी ने भी मेरा साथ ना दिया तो हम अकेले ही वैश्विक इस्तिकबार के खिलाफ खड़े होंगे क्योंकि वह इमाम अली(अ0स0)के मकतब के स्टूडेन्ट थे जैसा कि इमाम अली(अ0स0)ने फरमाया है: कि"यदि सारे अरब मेरे खिलाफ खड़े हो जाऐं और मुझसे जंग लड़ें तब भी मेरे दिल में ज़रा भी डर नहीं लगेगा
अल मुस्तफा विश्वविद्यालय के आभासी विश्वविद्यालय के महानिदेशक ने सूरए इब्राहिम की आयत न0 24 का हवाला देते हुए उन्होने कहा: कि क़याम जो ख़ुदा और उसके दीन को फैलाने जी के लिए हो जैसे नमाज़ क़ायम करना, ज़कात अदा करना, अम्र बिल मारूफ और नही अनिल मुनकर, करे तो ख़ुदा उसकी रक्षा करता है और खतरनाक तूफान के सामने भी स्थिर रहेगा
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