IQNA

21:37 - April 21, 2015
समाचार आईडी: 3187671
लेबनान में मुस्लिम विद्वानों का जमावड़ा

क्षेत्र में प्रतिरोध के कमजोर होने का कारण यमन पर आक्रमण का जारी रहना है

अंतर्राष्ट्रीय समूह: लेबनान में मुस्लिम विद्वानों का जमावड़ा, प्रतिरोध का कमजोर होना और उसको मूल उद्देश्यों से भटकाना जो कि फिलिस्तीन की आज़ादी है के कारणों में क्षेत्र की समस्याऐं और चुनौतियां और यमन पर चल रहा आक्रमण बताया गया है.

अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) यमनी समाचार एजेंसी (Sbant)के अनुसार, लेबनान में मुस्लिम विद्वानों के इज्तेमा ने  कल, 20 अप्रेल को एक बयान में इस देश पर सैन्य आक्रमण के खिलाफ लड़ाई में यमन के साथ पूरा एकजुटता की घोषणा की.
इस बयान में यमन के खिलाफ आक्रमण जारी रखने का उद्देश्य मुसलमानों के प्रमुख मुद्दे जो कि फिलिस्तीनी मुद्दे है के खिलाफ साजिश बताया गया है.
लेबनानी मुस्लिम विद्वानों ने इस बयान में जोर देकर कहा: अरबी क्षेतर्र में चुनौतियों और संघर्ष जारी रखने की असलीयत दो पक्षों से जुड़ी है यानि एक प्रतिरोध मोर्चा और दूसरा इजरायल जो हउसका विरोधी था और रहेगा.
इस सभा ने घोषणा कीःकि क्षेत्र में साज़िशों और घटनाओं के जनम देने का लक्ष्य, प्रतिरोध को उसके असली उद्देश्य यानि फ़िलिस्तीन की आज़ादी से रोकना तथा क़ौमों को प्रतिरोध के सहयोग व साथ देने से ना उम्मीद व फिरा देना तथा उसकी शक्ति व ताक़त विशेष रूप से सीरिया,इराक़ और मिस्र की सैन्य को ख़त्म कर देना है.
इस बैठक में घोषणा की गईः यमन पर आक्रमण भी इसी दृष्टिकोण को जारी रखना और प्रमुख मुद्दे के खिलाफ एक षड्यंत्र रचना और वास्तविक संघर्ष यानि फिलिस्तीनी मुद्दा है
लेबनान में मुस्लिम विद्वानों की बैठक में , यमन के सभी फ़िरक़ों और समूहों से एक समाधान ढंडने के लिए बातचीत का आग्रह किया गया है जिस से यमन की संप्रभुता, गरिमा, स्वतंत्रता और करामत की रक्षा की जासके.
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