विदेशी विभाग: पाकिस्तानी विद्वानों,जमीअते उलमाऐ इस्लाम "सिन्ध" राज्य के महासचिव के कार्यालय में एक बैठक के दौरान म्यांमार में मुसलमानों की हत्या के खिलाफ इस्लामी राज्यों की चुप्पी की निंदा की.

अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) कराची में ईरानी सांस्कृतिक परामर्श के हवाले से, पाकिस्तानी उलेमा ने इस बैठक में म्यांमार में सबसे खराब हत्याओं व विनाश के मुक़ाबले इस्लामी सहयोग संगठन और इस्लामी राज्यों बड़े नेताओं की चुप्पी को चिंताजनक बताया और संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि तेजी के साथ आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे.
उन्हं ने जोर दिया: इस्लामी सहयोग संगठन के महासचिव यदि मुसलमानों की रक्षा नहीं कर सकते हैं तो इस्तीफा दें.
बैठक में पीर Liaqat अली शाह, जमीअते उलमाऐ इस्लाम कराची शाखा के प्रमुख, मुफ्ती हेमादुल्लाह मदनी, मौलाना मुश्ताक अब्बासी, , ख्वाजा अहमद यार खान, मौलाना, गुलाम मुस्तफा फारूकी, मौलाना अहमद अली मदनी, मौलाना इकबाल अल्लाह, मौलाना हजरत वली हजारवी, कारी अब्दुल हयि,और शाहिद अली खान मौजूद थे.
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