IQNA

IQNA के साथ चर्चा में;
14:42 - November 17, 2019
समाचार आईडी: 3474163
अंतर्राष्ट्रीय समूह- घाना के मुस्लिम विद्वान ने, जिन्होंने इस्लामिक एकता पर 33वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया, देश में शियाओं की स्थिति को बढ़ते हुऐ बताया।

शेख मोहम्मद मुस्तफा याजमाल घाना के मुस्लिम विद्वान और इस्लामिक एकता पर 33वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले ने IQNA के साथ एक साक्षात्कार में इस सम्मेलन के आयोजन को महत्वपूर्ण और मुस्लिम एकता की दिशा में बताया तथा कहा कि मैं पहली बार ईरान आया हूं और ख़ुश हूं कि देख रहा हूं कि मुसलमान बैतुलमुक़द्दस और इस्लामी एकता के आम विषय पर एक साथ आ रहे हैं। इस सम्मेलन में मुसलमानों के बीच एकता के बारे में भाषण होरहे हैं जो पूर्ण तौर पर सही हैं।
 
याजमाल ने कहा "इस्लाम शांति का धर्म है," इसलिए घाना में, उदाहरण के लिए, आप पाते हैं कि मुसलमानों के सभी धर्मों के साथ अच्छे संबंध हैं, जिनमें ईसाई भी शामिल हैं, घाना में मुस्लिम और ईसाई समान हैं।
 
उन्होंने इस्लाम की नकारात्मक छवि पेश करने में अल-कायदा और आईएसआईएल जैसे समूहों के प्रभाव पर स्पष्ट किया:यह लोग जो काम कर रहे हैं इस्लाम के साथ उनका कोई संबंद्ध नहीं है। इस्लाम शांति व Peace चाहता है। भगवान निर्दोष लोगों की हत्या की अनुमति नहीं देता है। भगवान कहता है कि हमने आप सभी को एक पुरुष और एक महिला(आदम व हव्वा) से बनाया है और आप सभी समान हैं।
 
याजमाल ने घाना में शियाओं की स्थिति के बारे में कहा, घाना में शिया समूह की स्थिति में बढ़ौती हैं और प्रगति कर रहे हैं वे हमारे भाई और दोस्त हैं और उनके साथ हमारा कोई मतभेद नहीं है। घाना में, सुन्नियों और शियाओं के बीच बुद्धिमान लोग हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि, हम सभी एक ईश्वर और पैगंबर में विश्वास करते हैं। तो हमारे बीच झगड़ा क्यों होना चाहिए?
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