IQNA

Fayvpylarz साइट की रिपोर्ट;
17:00 - December 31, 2019
समाचार आईडी: 3474294
इंटरनेशनल ग्रुप - न्यूजीलैंड में मस्जिदों पर हमला, भारत और चीन दोनों देशों के मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभावपूर्ण व्यवहार और दुनिया भर में इस्लामोफोबिया का बढ़ना वर्ष 2019 में इस्लामी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शुमार होता हैं।

Fayvpylarz साइट के अनुसार IQNA की रिपोर्टः इस्लामिक दुनिया वर्ष 2019 में चुनौतीपूर्ण घटनाओं से गुजरी, न्यूजीलैंड की मस्जिदों में दर्जनों उपासकों की हत्या, चीन और भारतीय कश्मीर में मुसलमानों के दमन सहित दुनिया भर के मुसलमानों पर दबाव और भेदभाव। सऊदी अरब में विवादास्पद सुधार, आईएसआईएल नेता अबू बक्र अल-बग़दादी की हत्या और नॉर्वे में पवित्र कुरान का अपमान साल 2019 में इस्लामी दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से थीं। यह रिपोर्ट में मुस्लिम दुनिया की कुछ सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं की पड़ताल की जा रही है।
 
1. कश्मीर पर भारत-पाकिस्तान का टकराव
 
14 फरवरी को भारत के 40 सुरक्षा बलों के मारे जाने के बाद दोनों परमाणु-सशस्त्र देशों के बीच तनाव बढ़ गए, पाकिस्तान में जैश मुहम्मद के समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली, 12 दिन बाद, दोनों देशों ने एक दूसरे के खिलाफ जमीन पर हवाई हमले किए।
 
तब से, दोनों देशों के बीच समय-समय पर टकराव बढ़ा है; पाँच महीने पहले, भारत सरकार ने कश्मीर-बहुल क्षेत्र की स्वायत्तता को रद्द कर दिया और इस क्षेत्र में मुसलमानों की धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया।इसी तरह क्षेत्र में कई धार्मिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया।
 
2. चीनी मुसलमानों पर दमन और दबाव का जारी रहना
 
पिछले साल, शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ चीनी सरकार की इस्लाम विरोधी कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और दुनिया भर के मुसलमानों से व्यापक निंदा मिली।
वर्तमान में, लगभग एक मिलियन उइघुर मुसलमान चीनी सरकारी हिरासत केंद्रों में बहुत खराब स्थिति में हैं।
3. भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यक के अधिकारों की अनदेखी
 
मानवाधिकार समूहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर हिंदू धर्म आधारित राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने और इसके 200 मिलियन अल्पसंख्यक अधिकारों के प्रति अवहेलना करने का आरोप लगाया।
अक्टूबर वर्ष 2019 में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद के स्वामित्व को हिंदुओं को प्रदान किया और दिसंबर में एक भेदभावपूर्ण नागरिकता कानून पारित किया गया जो मुस्लिम प्रवासियों को उनकी नागरिकता से वंचित करता है।
 
4. न्यूजीलैंड मस्जिद पर हमले
 
दो मार्च 2019 को क्राइस्टचर्च, न्यूजीलैंड में दो मस्जिदों में एक ऑस्ट्रेलियाई नस्लवादी द्वारा 50 मुसलमानों का नरसंहार किया गया था और ब्रेंटन ट्रेंट, अपराधी पर 50 लोगों की हत्या करने और 39 की हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया था। न्यूजीलैंड के इतिहास में यह सबसे घातक नरसंहार था।
  
प्रधान मंत्री जसिंडा आर्डेन ने घइस टना को न्यूजीलैंड के सबसे काले दिनों में से एक कहा और सभी अर्ध-स्वचालित हथियारों के निजी स्वामित्व पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया।
 
5. श्रीलंका में ईसाइयों पर आतंकवादी हमले
 
21 अप्रैल 2019 को, श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में तीन चर्चों को आत्मघाती हमलों से निशाना बनाया गया। इन हमलों में 45 विदेशियों और तीन पुलिस सहित 259 लोगों की मौत हो गई और 500 लोग घायल हो गए।
श्रीलंकाई पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मघाती हमलावरों में सभी 7 लोग श्रीलंकाई नागरिक और चरमपंथी समूह तौहीद नेशनल कम्युनिटी के सदस्य थे। 23 अप्रैल को  दाइश से संबंद्धित आमाक़ समाचार ऐजेंसी ने कहा कि इस हमले के अपराधी ISIS के सदस्य थे, लेकिन आपराधिक जांच में दाइश से संबंद्ध का कोई सबूत नहीं मिला।
 
6-सऊदी अरब के पश्चिमीकरण की प्रक्रिया
 
2019 वर्ष में, सऊदी राजकुमार बिन सलमान ने सऊदी अरब में अपनी पश्चिमी सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। उन्होंने धार्मिक पुलिस की शक्तियों को प्रतिबंधित किया और एक नया मनोरंजन और तफ़रीह संगठन बनाया जो कॉमेडी शो, पेशेवर कुश्ती प्रतियोगिताओं और विशाल ट्रक रैलियों जैसे कार्यक्रमों की मेज़बानी करता है।
सऊदी कैबिनेट ने विदेशियों को निवास देने के लिए एक नई योजना को भी मंजूरी दे दी, जिससे अप्रवासियों को स्थायी निवास प्राप्त करने, अपनी संपत्ति और देश में निवेश करने की अनुमति मिली। इसके अलावा, सऊदी सरकार ने एक कानून बनाया है जो 21 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को उचित साहचर्य के बिना विदेश यात्रा करने की अनुमति देता है।
 
7- आईएस के प्रमुख "अबू बक्र अल-बगदादी" की हत्या
 
अक्टूबर 2019 में, डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि आईएसआईएल प्रमुख अबू बक्र अल-बगदादी उत्तर पश्चिमी सीरिया में एक अमेरिकी सैन्य अभियान में मारा गया। ट्रम्प के अनुसार, अमेरिकी विशेष बलों के हमले के दौरान, अल-बगदादी ने अपनी आत्मघाती बेल्ट उड़ा दी और वह मारा गया।
 
बगदादी का जन्म 1971 में उत्तरी बगदाद में समराला के पास पैदा हुआ था; कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि वह इराक पर अमेरिका के आक्रमण के समय शहर की एक मस्जिद का ख़तीब था, लेकिन अन्य लोगों का मानना ​​है कि दक्षिण में बोका कैंप में बगदादी को बंदी बना लिया गया था। जहां इराक़ी कई अल-कायदा नेताओं से परिचित हुआ और चरमपंथी बन गया।
 
8. नॉर्वे में कुरान के अपमान पर व्यापक प्रतिक्रिया
चरमपंथी समूह " नॉर्वे का इस्लामीकरण बंद करो " के प्रमुख आरनी तोमर ने शनिवार, 16 दिसंबर को कुरान की एक प्रति को जलाने का प्रयास किया था, जिसे पुलिस ने रोका, लेकिन उसने दूसरी कार्वाई मे क़ुरान का अपमान किया। नॉर्वेजियन स्टेट टेलीविज़न (NRK) के अनुसार इस्लाम विरोधी समूह के सदस्यों ने क्रिस्तयान सैंड के आप्रवासियों के निवास स्थल पर प्रदर्शन किया।
 
इस्लामी विरोधी कदम के बाद, ईरान, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र सहित इस्लामी देशों के अधिकारियों ने इस कदम की निंदा की और कुछ देशों में लोकप्रिय समूहों द्वारा मार्च निकाला गया।
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