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माहे इश्क़ के उपहार के सबक़ / 5
16:49 - April 18, 2021
समाचार आईडी: 3475802
तेहरान(IQNA)पाकिस्तान में अल-मुस्तफ़ा विश्वविद्यालय (पीबीयूएच) के प्रतिनिधि ने जोर देकर कहा कि रमज़ान के अनुष्ठानों में अनुशासन स्थापित करना मनुष्य के लिए जीवन के अन्य मामलों में अनुशासन का पालन करके अधिक सफलता प्राप्त करने के लिए एक अभ्यास हो सकता है।

 पाकिस्तान में अल-मुस्तफ़ा (PBUH) इंटरनेशनल सोसाइटी के प्रतिनिधि, हुज्जतुल-इस्लाम वल मुस्लिमीन मोहसिन दादसरिश्त ने रमज़ान के भाषणों में " माहे इश्क़ के उपहार" की श्रृंखला जो एक वीडियो में तैयार की गई है, जोर दिया।" रमज़ान के अनुष्ठानों में अनुशासन बनाना इंसान के लिए जीवन के अन्य मामलों में अनुशासन का पालन करके अधिक सफलता प्राप्त करने के लिऐ एक अभ्यास हो सकता है।
रमजान के पवित्र महीने के पांचवें दिन हुज्जतुल-इस्लाम वल मुस्लिमीन मोहसिन दादसरिश्त के भाषणों का विवरण इस प्रकार है:
 
"भगवान के नाम से। रमजान के पवित्र महीने के पांचवें दिन, प्रिय उपस्थित लोगोम की सेवा में, मैं सबसे पहले इस दिन की प्रार्थना पढ़ूंता हूं:
اللهمّ اجْعَلْنی فیهِ من المُسْتَغْفرینَ واجْعَلْنی فیهِ من عِبادَکَ الصّالحینَ القانِتین واجْعَلْنی فیهِ من اوْلیائِکَ المُقَرّبینَ بِرَأفَتِکَ یا ارْحَمَ الرّاحِمین.
हे ईश्वर, मुझे इस महीने में क्षमा के साधकों में से और आज्ञाकारिता के धर्मी सेवकों में से और निकटवर्ती लोगों में क़रार दे, अपनी दया से हे परम दयालु।
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