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अफगानिस्तान में धार्मिक अक़ल्लियतों की स्थिति के बारे में यूरोपीय संसद की चिंता

15:25 - November 26, 2022
समाचार आईडी: 3478149
तेहरान (IQNA):यूरोपीय संसद ने अगस्त 2021 में तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर नियंत्रण करने के बाद से हजारा, हिंदू, सिख, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समूहों की स्थिति और उनके खिलाफ व्यवस्थित हमलों और व्यापक भेदभाव के बारे में चिंता व्यक्त की।

यूरोपीय संसद ने अगस्त 2021 में तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर नियंत्रण करने के बाद से हजारा, हिंदू, सिख, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समूहों की स्थिति और उनके खिलाफ व्यवस्थित हमलों और व्यापक भेदभाव के बारे में चिंता व्यक्त की। 

इकना के मुताबिक़; अनातोलिया समाचार एजेंसी के अनुसार, यूरोपीय संसद के प्रतिनिधियों ने एक प्रस्ताव पारित करके अफगानिस्तान में "मानव अधिकारों के गंभीर उल्लंघन", विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों के बारे में चिंता व्यक्त की।

 

एक प्रस्ताव पारित करके, यूरोपीय संसद ने "राजनीतिक, आर्थिक, मानवीय स्थिति के बिगड़ने, मानवाधिकारों के उल्लंघन, विशेष रूप से अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों के उल्लंघन" पर चिंता व्यक्त की।

 

इस संकल्प में, जिसे यूरोपीय संसद के 532 नुमाइंदों ने पास किया है, यह कहा गया है: "यूरोपीय संघ संसद के सदस्य तालिबान द्वारा महिलाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों की निंदा करते हैं। हम तालिबान के अधिकारियों से यह साफ करने का मुतालबा करते हैं कि महिलाओं के खिलाफ सभी प्रतिबंध हटा दिए जाएं। हम दुनिया के देशों से कहते हैं कि जब तक महिलाओं के अधिकारों की स्थिति में सुधार नहीं होता तब तक वे तालिबान के साथ बातचीत न करें।"

 

इस प्रस्ताव में, यूरोपीय संसद के प्रतिनिधियों ने अनुरोध किया कि तालिबान के साथ बातचीत शिक्षा के अधिकार और अफगान महिलाओं की सामाजिक जीवन में वापसी की शर्त के साथ होनी चाहिए।

 

साथ ही, इस प्रस्ताव में, यूरोपीय संसद ने जब से तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर नियंत्रण किया, तब से हज़ारा, हिंदू, सिख, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यकों की स्थिति के बारे में, और व्यवस्थित हमलों और भेदभाव के बारे में अपनी गहरी चिंता व्यक्त की।

 

यूरोपीय संसद के अध्यक्ष रॉबर्टा मेत्सुला ने कहा था कि यूरोपीय संघ अफगानिस्तान के लोगों की मदद करने के लिए पाबंद है, न कि तालिबान अंतरिम सरकार के लिए। इस बयान के 2 दिन बाद यूरोपी पार्लिमेंट का यह प्रस्ताव आया है।

 

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 116 देशों के वोट से अफगानिस्तान पर एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसमें तालिबान की अंतरिम सरकार को मानवाधिकारों और महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करने के लिए कहा गया था।

https://iqna.ir/fa/news/4102243

 

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