तेहरान (IQNA) महमूद हसन अशरफ़ी, बांग्लादेश के 18 वर्षीय दृष्टिबाधित किशोर हाफ़िज़-ए-क़ुरआन हैं, जिन्होंने सऊदी अरब के मक्का में आयोजित 46वीं अंतरराष्ट्रीय क़ुरआन प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भाग लिया है।
इकना रिपोर्ट के अनुसार, महमूद हसन अशरफ़ी ने कड़ी मेहनत और सुनकर क़ुरआन को याद किया है। वह “किंग अब्दुल अज़ीज़ अंतरराष्ट्रीय क़ुरआन हिफ़्ज़, तिलावत और तफ़्सीर प्रतियोगिता” के अंतिम चरण में शामिल हुए हैं, जिसका आयोजन सऊदी अरब के इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय द्वारा मस्जिद-ए-हराम (मक्का) में किया जा रहा है।
अशरफ़ी इस प्रतियोगिता के तीसरे वर्ग में हिस्सा ले रहे हैं। बांग्लादेश में प्रारंभिक चरणों में भाग लेने वाले लगभग 2000 पुरुष और महिला प्रतिभागियों में से उनका चयन हुआ और अंततः वह सऊदी अरब में होने वाली प्रतियोगिता के लिए चुने गए 20 योग्य प्रतिभागियों में शामिल हो गए।
महमूद हसन अशरफ़ी जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं। उन्होंने 7 वर्ष की उम्र में क़ुरआन याद करना शुरू किया और तीन वर्षों के भीतर इसे पूरा कर लिया। उन्होंने विभिन्न क़ारियों की तिलावत सुनकर और आयतों को बार-बार दोहराकर क़ुरआन हिफ़्ज़ किया। इस दौरान उनके पिता ने उन्हें याद करने और दोहराने की प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया।
उन्होंने मक्का और मस्जिद-ए-हराम की अपनी पहली यात्रा पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि सऊदी अरब पहुँचना और दुनिया की प्रमुख क़ुरआन प्रतियोगिताओं में से एक में भाग लेना उनका पुराना सपना था।
अशरफ़ी ने कहा कि उनकी दृष्टिहीनता कभी भी क़ुरआन के साथ उनके सफर में बाधा नहीं बनी। उन्होंने बताया कि मेहनत और लगन के माध्यम से इंसान कठिनाइयों को पार कर सकता है और अपने सपनों को पूरा कर सकता है।
उल्लेखनीय है कि 46वीं किंग अब्दुल अज़ीज़ अंतरराष्ट्रीय क़ुरआन हिफ़्ज़, तिलावत और तफ़्सीर प्रतियोगिता गुरुवार (15 अगस्त) को मक्का में शुरू हुई।
यह प्रतियोगिता 6 रबीउल अव्वल (19 अगस्त) तक जारी रहेगी। इसमें 133 देशों के कुल 334 पुरुष और महिला प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जो इस प्रतियोगिता के इतिहास में सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी है।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य “युवा मुसलमानों को क़ुरआन याद करने, समझने और उस पर चिंतन करने के लिए प्रोत्साहित करना तथा निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना” है।
यह प्रतियोगिता पाँच श्रेणियों में आयोजित की जा रही है और इसके कुल पुरस्कारों की राशि 10,260,000 सऊदी रियाल है, जो प्रतियोगिता की शुरुआत से अब तक की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि है।
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