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कुरान का अपमान उसके वैश्विक होने के डर के कारण है

9:49 - June 20, 2012
समाचार आईडी: 2350453
Quranic गतिविधियों का विभाग:29वीं अंतरराष्ट्रीय कुरान प्रतियोगिता के क़िराअत क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधित्व ने कुरान का अपमान उसके वैश्विक होने के डर के कारण जाना.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) अंतर्राष्ट्रीय कुरान प्रतियोगिता की वेबसाइट के अनुसार, मीर अली इल्मी, 29वीं अंतरराष्ट्रीय कुरान प्रतियोगिता के क़िराअत क्षेत्र में ऑस्ट्रेलियाई क़ारी मुस्लिम ने विश्व के मुसलमानों में इस्लामी जागरण पुस्तक के रूप में कुरान की भूमिका के बारे में कहाःइस्लामी क्रांति के नेता हज़रत आयतुल्लाह कुरान के बारे में कहते हैः क़ुरान में विचार करना मानव नजात और अल्लाह से क़रीब होने की कुंजी है,इस संदेश से लाभ उठाते हुऐ यह कहा जासकता है कि वर्तमान समय में मुसल्मान व ग़ैर मुसल्मान देशों में लोग अपनी ज़ालिम शासकों से तंग आ चुके हैं कुरान केवल एक पुस्तक है जो अपनी स्पष्ट आयतों से संदेश देता है कि अत्याचार कभी स्थिर नहीं रहता.

उन्हों ने इमाम खोमैनी (र.)के नेतृत्व में ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता और लीबिया,बहरीन,अमारात,सऊदी अरब जैसे अरबी देशों के मुसल्मानों की क्रांतियों पर इसके प्रभाव की ओर इशारा करते हुऐ कहाःकि 33 साल पहले इस बुद्धिमान और महान पुरुष के नेतृत्व में ईरान की इस्लामी क्रांति ने सफलता पाई थी और जिसकी आवाज़ दुनिया के लोगों के कानों तक पहुंची यह साबित कर दिया कि आप ने क़ुराने आदेशों और शिक्षाओं पर अमल करके ईरानी मिल्लत को जगा दिया और शाहे ईरान के अत्याचार को पवित्र ईरान की भूमि से दूर कर दिया और इस्लाम के चमकते सूरज को नबीऐ इस्लाम की आसमानी पुस्तक के साथ एक बार फिर दुन्या के लोगों तक पहुंचा दिया.
इल्मी ने कहाः आज जो क़ुरान की ख़ूब्सूरत आवाज़ विश्व के देशों में गूंज रही है दुश्मनों ने ख़तरे को महसूस कर लिया है और मुसल्मानों में फूट डालने के लिऐ इस आसमानी पुस्तक को जला रहे हैं.
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