IQNA

15:19 - December 20, 2014
समाचार आईडी: 2623473
रूसी स्टेट ड्यूमा के प्रतिनिधि:

आतंकवाद का धर्म से कोई संबंध नहीं है / "इस्लामी आतंकवादी" मीडिया साहित्य से हटा दिया जाए

इंटरनेशनल समूहः रूसी संसद(ड्यूमा) के प्रतिनिधि ने इस बात पर जोर देते हुऐ कि आतंकवाद का , धर्म के साथ कोई लेना देना नहीं है मीडिया में "इस्लामी आतंकवादियों" और "इस्लामी शसत्र लोग' जैसे शब्दों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.

अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA), समाचार साइट« Russia Today »के अनुसार, «Shmsyl Saralyf", देश की संसद में सत्तारूढ़ पार्टी "संयुक्त रूस" के प्रतिनिधि ने कहाः इस तरह के शब्दों से लोगों को गलत धारणा मिलती है कि आतंकवाद और इस्लाम एक है. उन्हों ने ड्यूमा जानकारी नीति समिति के इस हफ्ते की बैठक में इस बयान के साथ कहा: मीडिया अनियंत्रित और बराबर इस्लामी आतंकवादियों, इस्लामवादियों, जिहादियों, बेल्ट शहादत, आतंकवादी इस्लामी राज्य, जैसे वाक्यांशों का उपयोग करते रहते हैं. Saralyf ने बल दिया: मीडिया का यह काम लोगों को इस्लाम के बारे में गलत सोचने की ओर ले जाता है और मुस्लिम नागरिकों के जीवन को जोखिम में डाल देता है. उन्होंने कहा कि दाइश जैसे आतंकवादी अपने को इस्लामी सरकार का नाम देते हैं जबकि इसमें कोई संदेह नहीं है, और निश्चित रूप से कुछ वह इस्लाम से कोई संबंध नहीं रखते हैं इस्लाम उनके लिऐ एक कवर है जिस के ज़रये अपने दुष्कर्मों को छुपाते हैं. इस रूसी प्रतिनिधि ने बल दिया: सच्चा इस्लाम सभी मनुष्यों के बीच करुणा और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व को बढ़ावा देता है. रूस के 145 मिलियन लोगों में लगभग 23 मिल्युन मुसलमान रहते हैं जिनमें ज्यादातर उत्तरी काकेशस और दक्षिणी गणराज्यों चेचन्या, इन्गुशेतिया और दागिस्तान में रहते हैं.

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