IQNA

16:09 - September 13, 2017
समाचार आईडी: 3471809
अंतर्राष्ट्रीय समूह: धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र संगठन (आईएमएसडी)के सदस्यों ने भारत के मुसलमानों के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार तलाक के मुद्दे पर मुस्लिमों के बीच तनावपूर्ण कानूनी संधान को हटाने का समर्थन किया।

भारतीय मुसलमानों के बीच तनाव पूर्ण कानून को हटाने का समर्थन

मुंबई में ईरान संस्कृति हाउस ने अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार ऐजेंसी (IQNA) को बताया, सेकुलर डेमोक्रेसी (Imsd) के सदस्यों ने ऐक संवाददाता सम्मेलन में तीन तलाक के उन्मूलन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ख़ुशी जताते हुऐ मौखिक कहाः यह आदेश परिवार की जड़ों और अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं के समर्थन में जारी किया गया है।

धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के लिए भारतीय मुस्लिम संगठन, समानता, न्याय, स्वतंत्रता, स्नेह, मानव अधिकार और कानून का नियम जैसे मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया है, और भारत और दुनिया में इस्लामोफोबिया का सामना कर रहा है।

संगठन के प्रमुख जवाद आनंद ने कहा, जमाते उलेमाऐ हिंद ने इस फैसले का विरोध क्यों किया है? जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने मुसलमानों के परिवारों की रक्षा के लिए इस फैसले को जारी किया है।

आनंद ने कहा: "इस देश में सभी को सर्वोच्च न्यायालय और अदालतों का सम्मान करना चाहिए और जमाते उलेमाऐ हिंद पार्टी ने, अपने विरोध के साथ, मुस्लिमों के खिलाफ समुदाय स्तर पर अमलन प्रचार कर रही है, और इस्लाम की छवि को बिगाड़ रही है।

जमाते उलेमाऐ हिंद भारत में मुस्लिम दलों में एक प्रभावशाली दल है, जो कट्टरपंथी और सलफी विचारों का पालन करती है। इस पार्टी में कट्टरपंथी और चरमपंथी विद्वान होते हैं, और कुछ मामलों में अपने गलत आदेशों पर जोर देते हैं।

एक और कहानी यह है कि लख्नऊ, उत्तर प्रदेश, भारत के धार्मिक स्कूलों में जो बरेलवी समूह (सुन्नी हनफी मुसलमानों की एक शाखा) की देखरेख में चलते हैं, उचित तलाक कानून को सबक़ में शामिल करके, छात्रों को कई तलाक और उनके अहकाम से परिचित कर रहे है।

इस पार्टी में कट्टरपंथी और कट्टरपंथी विद्वान होते हैं, और कुछ मामलों में इसके गलत आदेश पर जोर देते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने तीन मौखिक तलाक हटाने का फैसला करने के बाद यह निर्णय लिया गया।

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