IQNA

14:03 - September 24, 2019
समाचार आईडी: 3474006
अंतरराष्ट्रीय समूह- कश्मीर, भारत में एक मीडिया संगठन ने इस बयान के साथ कि नाकाबंदी अपने पचासवें दिन में पहुंच गई, इन तर्कहीन प्रतिबंधों का उद्देश्य मीडिया को चुप कराना बताया।

IQNA की रिपोर्ट, अनातोली के हवाले से, कश्मीर के प्रेस क्लब ने एक बयान में, टेलीफोन, मोबाइल और इंटरनेट लाइनों में कटौती के प्रभाव का हवाला देते हुए, कहा कि इसने पत्रकारों और मीडिया के काम को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है।
 
बयान में कहा गया है कि संचार की इस नाकाबंदी के कारण, पत्रकार कश्मीर क्षेत्र की स्थितियों के बारे में विश्वसनीय जानकारी प्राप्त नहीं कर सकते हैं। ये प्रतिबंध तर्कहीन हैं और मीडिया गतिविधि को रोकने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
 
इस बयान में इस संचार प्रतिबंध को हटाने की आवश्यकता पर जोर देते हुऐ आया है: अब तक कश्मीर प्रेस क्लब से समाचार पत्रों, के कार्यालयों की गतिविधियों और संचार की स्वतंत्रता के लिऐ पत्रकारों और इसी इस क्लब ने भारत सरकार से कई अनुरोध किए हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
 
यह याद रहे कि भारत ने 5 अगस्त को अपने संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था, जिसने जम्मू और कश्मीर पर विशेष अधिकार प्रदान किए थे, और बाद में बड़ी संख्या में सैनिकों को इस क्षेत्र में भेजने के साथ टेलीफोन और इंटरनेट लाइनों को काटकर और यातायात पर प्रतिबंध लगाने के कारण व्यापक विरोध को जन्म दिया है।
3844486
नाम:
ईमेल:
* आपकी टिप्पणी :