IQNA

14:49 - October 24, 2021
समाचार आईडी: 3476558
तेहरान(IQNA)इस्लामी एकता पर 35वें सम्मेलन के समापन समारोह में, भारतीय विचारक ने इस बात पर जोर दिया कि मुसलमानों के लिए सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनने का तरीका पूरी मानवता की सेवा करना और इसी तरह विभाजन से बचना है।
"सैय्यद कल्बे जवाद नक़वी", भारत, लखनऊ के इमामे जुमा ने, इस्लामिक एकता पर 35 वें सम्मेलन के समापन समारोह में, जो इस शनिवार शाम को रेडियो और टेलीविजन के सम्मेलन हॉल में आयोजित किया गया था, कहा मौजूदा हालात में मुसलमानों की जागरूकता जरूरी है।और कहा हमारे समय में हम सोचते थे कि शिया और सुन्नियों के बीच कोई विवाद है; लेकिन बाद में पता चला कि जो लोग लोगों को भड़काते हैं और एक-दूसरे को मारते हैं, वे राजनीतिक दलों और सरकारों के भाड़े के लोग होते हैं।
 
उन्होंने यह बयान करते हुए कि सर्वश्रेष्ठ उम्मह बनने का तरीका न केवल अन्य मुसलमानों को नुकसान ना पहुंचाना है, कहा: "सबसे अच्छी उम्मत एक उम्मत है जो न केवल अन्य मुसलमानों को लाभ पहुंचाऐ, बल्कि पूरी मानवता को भी लाभान्वित करे।"
नक़वी ने कहा: "एक समय में, उपनिवेशवाद का नारा था फूट डालो और शासन करो, लेकिन आज उन्होंने अपना नारा बदल दिया है और मानते हैं कि मुसलमान भरोसेमंद नहीं हैं और उन्हें मार डाला जाना चाहिए।"
 
ख़तीबे हिंदी ने कहा: सहीह बुखारी किताब में एक मुसलमान के लक्षण ला इलाहा इल्ला अल्लाह और मुहम्मद रसूलुल्लाह कहने में हैं, प्रार्थना करना, ज़कात देना और हज पर जाना कि शियाओं के पास ये सभी सिद्धांत हैं, इसलिए जो लोग शियाओं को काफिर मानते हैं वे सही बुखारी के खिलाफ कार्य करते हैं।
 
अंत में, हुज्जतुल इस्लाम नक़वी ने इस्लामी उम्मह को नष्ट करने के लिए अभिमानी षड्यंत्रकारियों की नई साजिश के बारे में मुसलमानों को जागरूक होने की आवश्यकता पर कहा: "आज, अभिमानी इस्लामी उम्मा के बीच वहदत से संतुष्ट नहीं हैं।"
 4007512

नाम:
ईमेल:
* आपकी टिप्पणी :
* captcha: