तेहरान(IQNA) «شَهْرُ رَمَضَانَ الَّذِی أُنْزِلَ فِیهِ الْقُرْآنُ هُدًى لِلنَّاسِ وَبَینَاتٍ مِنَ الْهُدَى وَالْفُرْقَانِ» कुरान के वसंत में, हम हर दिन इस पुस्तक के एक हिस्से को एक मार्गदर्शक और सही और गलत में में अंतर करने के उपाय के रूप में दिल की गहराई से पढ़ेंगे।

रमज़ान के दौरान पूरे पवित्र कुरान को पढ़ने की अच्छी परंपरा और इस पवित्र महीने के हर दिन कुरान का कम से कम एक हिस्सा इस पुस्तक से अधिक परिचित होने और अंतिम लक्ष्य तक, इसके गहरे अर्थों में सोचने का एक शानदार अवसर है। जो वास्तव में, इसकी जीवनदायिनी शिक्षाओं के अभ्यास को साकार करना है।
इस संबंध में, IQNA रमज़ान 1401 के दौरान हर दिन पवित्र कुरान का एक हिस्सा क़ासिम रज़ीई, अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक और पवित्र कुरान के पाठक के साथ अपलोड करेगा।
अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक और पवित्र क़ुरान के पाठक क़ासिम रज़ीई की आवाज़ के साथ पवित्र क़ुरान के पहले भाग के पाठ को प्रस्तुत किया जारहा है।

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