
अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी ( IQNA)सदिल बिलाद वेबसाइट के हवाले से, मिस्री दारुलइफ़्ता ने इंटरनेट और कंप्यूटर से कुरान पढ़ने के के बारे में एक सवाल के जवाब में घोषणा की,ख़ुद कुरान से या कंप्यूटर, इंटरनेट डेटाबेस या मोबाइल फोन से कुरान पढ़ने के बीच कोई अंतर नही है, और सभी रीडिंग सवाब और अज्र रखते हैं.
इस दारुलइफ़्ता ने साफ़ किया कि कुरान पाठ ऑनलाइन या मोबाइल फोन पर सचमुच कुरान के बराबर सवाब और अज्र रखता है और हदीस नबवी «مَنْ قَرَأَ حَرْفًا مِنْ کِتَابِ اللهِ فَلَهُ بِهِ حَسَنَةٌ، وَالحَسَنَةُ بِعَشْرِ أَمْثَالِهَا، لاَ أَقُولُ الْم حَرْفٌ، وَلَکِنْ أَلِفٌ حَرْفٌ، وَلاَمٌ حَرْفٌ ، وَمِیمٌ حَرْفٌ: "के आधार पर, जो कोई अल्लाह की किताब को पढ़े एक नेकी उसके लिए लिखी जाएगी और हर नेकी दस बराबर हो जाऐगी मैं नही कहता हूं कि «الم» एक शब्द है, बल्कि «الف»एक शब्द है, "लाम, एक शब्द और 'मीम' एक शब्द है, और कुरान पढ़ने का सवाब क़ुरान पाठक को मिलेगा.
दारुलइफ़्ता ने अपने हुक्म में कि ग़ैर लिखे कुरान ( कंप्यूटर, मोबाइल फोन, आदि )से क़ुरान पढ़ने में तहारत शर्त है क्या,कहाःकि तहारत क़ुरान पढ़ने में शर्त नहीं है और हदीस नबवी «لا یمس القرآن إلا طاهر: के अनुसार, क़ुरान को ना छुओ मगर पाक व ताहिर इस लिऐ बा वज़ू होना केवल आयतों के छूने में आवश्यकता है.
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