
अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के अनुसार 9 सितम्बर को ओलिंपिक होटल में "फिलिस्तीनी प्रतिरोध के समर्थन में मुस्लिम विद्वानों"के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में शेख नईम क़ासिम ने कहा कि फिलिस्तीन इसराइल के खिलाफ कई बार जीता चुका है जिस का अंतिम युद्ध 51 दिन की है
उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में इजरायली कब्जे को वैध बताने की कोशिश किया और यही निशाना उसके भविष्य मे भी होग़ा..
हिजबुल्लाह के उप महासचिव ने कहा: कि इसराइल से मुक़ाबला और पश्चिम से राबता ख़त्म करने के बाद भी फिलिस्तीन और कुद्दस उम्मते इस्लाम को वापस मिलना चाहिए.
उन्हों ने कहा कि फिलिस्तीनी प्रतिरोध में हिजबुल्लाह और उनके समर्थक में एक दुसरे के साथ हैं एक दूसरे से अलग नहीं हैं.
शेख नईम क़ासिम ने कहा कि इजरायल तजावुज़कार उसकी योजना आक्रामक कर पूरे क्षेत्र पर क़ब्ज़ा प्राप्त करना है और इस्लामी पहचान से उन्हें हटाना है.
इनका मुकाबला संयुक्त राष्ट्र और पश्चिम की शक्ति के साथ नही किया जा सकता है बलकि मुक़ाबला ईमान की ताक़त से मुमकिन है
आज सुबह, 9 सितम्बर, को 200 से अधिक विद्वानों और दुनिया अन्य मुस्लिम के साथ ईरानी संसद अली लारीजानी के भाषण से शुरू हुआ.
यह सम्मेलन,तकरीब बैनल मज़ाहिब के प्रमु आयतुल्ला अराकी, हिजबुल्लाह के उप सचिव अल्लामा शेख Naim Qassem, अल्लामा शेख अहमद Alzyn, पाकिस्तान, लेबनान, इराक, फिलिस्तीन, ट्यूनीशिया, सीरिया, अजरबैजान, ताजिकिस्तान, भारत, जॉर्डन, तुर्की, बहरीन और अन्य इस्लामी देशों के लोग़ों की मौजुदग़ी में आयोजित किया गया है.
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