
अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) लेबनान के "रेडियो नूर"की जानकारी डेटाबेस के हवाले से, अयातुल्ला शेख़ ईसा Qassim, कल 7 नवंबर को शुक्रवार की नमाज के उपदेश में मनामा के टाउन"Aldraz»की इमाम सादिक मस्जिद में अहसा प्रांत में "Aldalvh" क्षेत्र में सऊदी शियों के हुसैनियह पर तक्फ़ीरी आतंकवादियों के हमले की निंदा की और अरबी देशों से आग्रह किया कि आतंकवादियों का समर्थन बंद करें ता कि फिर ऐसी दुखद आपदाओं को देखना ना पड़े.
उन्होंने कहाः यह ख़ूनी घटना क्षेत्र में आतंकवाद के कई कृत्यों में से एक है जो मुसलमानों के बीच शत्रुता फैलने का कारण हो रही है कि कोई अक़्ल, धर्म और सही और संतुलित मनुष्य इस तरह के आतंकवादी कृत्यों पर अनुमोदन मुहर लगाऐ.
अयातुल्ला ईसा क़ासिम ने अरब देशों के नेताओं द्वारा आतंकवादी समूहों के समर्थन की आलोचना करते हुऐ कहा: आतंकवादी समूहों का मानव और वित्तीय समर्थन जो कि कुछ अरब देशों के नेताओं द्वारा दिया जा रहा है क्षेत्री देशों में शिया, सुन्नी और ईसाई सहित कई निर्दोष लोगों की व खून बहाने का कारण है.
अयातुल्ला Issa Qassem ने जोर दिया: यह घटना शुरुआत में इस्लाम के अपमान से शुरू होती है और आतंकवादी लोग गलत दृश्य को प्रस्तुति करके इस्लाम धर्म को ज़ुलम और खूनी वाला परिचय कराते हैं कि सुरक्षा और जीवन का दुश्मन है और लोगों की हत्याओं से जी नहीं भरता और आज भी इस क्षेत्र में आतंकवादियों का वजूद हमारे प्रिय और महान इस्लाम की ऐसी ही स्ट्रीम पेश करता है.
ध्यान दिया जाना चाहिए,कि पिछले हफ्ते शबे आशूरा तक्फ़ीरी आतंकवादियों ने सऊदी अरब के अहसा प्रांत में "Aldalvh" क्षेत्र में हुसैनियह पर हमला करके हुसैनी अज़ादारों को ख़ाक व ख़ून में नहला दिया.
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