समाचार समूहः मां,बाप के साथ अच्छा ब्यवहार करना धर्म,समाज एवं मानवता के लेहाज़ से ख़ास जगह है जैसे तौहीद का इन्कार नहीं किया जा सकता वैसे ही माता,पिता के हकूक़ का भी.माता,पिता की अवमान्ना असल मे अल्लाह की अवमान्ना है.
अंतरराष्ट्रीय कूर्आनी समाचार एजेंसी (इक़ना) ने खूजिसतान,कुरआन की विभिन्न आयतों मे माता,पिताके साथ अच्छे ब्यवहार की बात की गयी है.इन आयतों मे आया है,, हमने इन्सान से मां,बाप के साथ अच्छे सुलूक की बात की है. अपने मां,बाप के साथ नेकी करो,खुदा की इबादत करो,किसी को उसका
भागीदार मत बनाओ,मां,बाप रिशतेदारों,यतीमों,गरीबों,पडोसयों,साथयों,
मुसाफिरो ऐवं गुलामों का ख्याल रखो,अल्लाह घमन्डी लोगों को दोस्त नही रख़ ता. हजरत मो.मुस्तफा स.व, ने फ़रमाया है तुम्हारे बडों के साथ बरकत है ,बुजुगॅ अपने कुटुंब मे नबी जैसा है.इमाम अली अ.ने कहा,आलिम का उसके इल्म और बुजुगॅ का उसकी बुजुरगी के कारण सम्मान करो.
469820