IQNA

हज़रत फातिमा मासूमा आलिमऐ ग़ैर मुअल्लिमाः

10:05 - October 23, 2009
समाचार आईडी: 1840495
ज्ञान ऐवं फिक्र समूहःहज़रत मासूमा का पहली जिल्क़ादा साल 173 हिजरी मे मदीने मे जन्म हुआ.
कुरान समाचार(iqna) इस्फहान शाखा के मुताबिक़ मासूमा ने 1 जिल्कादा साल 173 हिरी मदीने मे आंखे खोलीं,इस महान लेडी ने जन्म से ही ऐसे माहौल मे तर्बियत पाई जहं मा,बाप,भाई बहन सभी लोग मानव कमालात मेसब से आगे थे.इबादत, ज़ोहद, तक़वा, सच्चाई,पाक दामनी वग़ैरा इस खान्दान की खुसुसियत थी.
शहज़ादी का पालंण पोषण इल्म व एख़लाक वाले कुटुम्ब मे हुआ बाबा इमाम मूसा काज़म की शहादत के बाद भाई इमाम रज़ा ने आप की पर्वरिश की ज़िम्मेदारी ली जिसबिना पर आप सातवें इमाम की तमाम अवलादों मे बाद अज़ इमाम रज़ा सबसे फ़ज़ल बा कमाल थीं.जैसा कि आप के नाम ओर लक़ब से ज़ाहिर है आप मिस्ल जनाब ज़ैनब के आलिमऐ ग़ैर मुअल्लिमा थीं.
इमाम सादिक़ अ.फरमाते हैं (होशयार होजाओ ख़ुदा के लिऐ ऐक मोहतरम जगह है वह मक्का है पैग़म्बर के लिऐ मदीना हरम है हज़र अली के लिऐ कूफा हरम है पणुं मेरे और मेरी अवलादों के लिऐ क़ुम हम है क़म हमारे लिऐ कूफे समान है जान लो कि जन्नत मे 8 दरवाज़े हैं उनमे 3 कुम की जानिब खुलते हैं मेरे वंश से ऐक बेटी ब नाम फातिमा यहां दफ्न हगी जो हमारे शियों शफाअत कराऐ गी)।481163
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