कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) मक्का Mokarrameh की रिपोर्टके अनुसार, कुछ शख़्सियतों ने (जैसा कि विभिन्न सऊदी प्रेस में है )इस स्थिति के विरुध अभियान चला रखा है और मुशरेकीन से दूरी के विषय पर बात कही है.
इस रिपोर्ट के आधार पर एहसान ओग़ली ने कुछ देशों के हज को राजनीतिक करने पर कहा: कोई भी हज के आचरण को बदलने का अधिकार नही रखता 1400 साल पहले से अभी तक यह फ़रीज़ा इस्लाम पिलर है और कहा यह बातें बेकार है बेहतर है खुद को व्यर्थ न करें.
इसके अलावा डॉ. सालेह बिन हामिद - सऊदी अरब की सर्वोच्च न्यायिक परिषद के अध्यक्ष और इमाम जुमा और खतीब मस्जिद-उ-हराम इस हफ्ते ख़ुतबे मे कहा: शिर्क व मुशरेकीन से दूरी की घोषणा मुसलमानों का अक़ीदा है और समय व स्थान से कोई विशेष संबंध नही है. उन्होंने कहा: हज का सबसे बड़ा मकसद मुस्लिम भाईचारे और एकता बनाना है.
सऊदी अखबार Alblad ने भी कल इसी को मुद्दा बनाते हुऐ लिखा'हज में युद्ध स्वीकार नहीं , मुशरेकीन से दूरी के विषय पर लिखा.
याद रहे कि हज इब्राहीमी का महत्वपूर्ण पिलर शिर्क व मुशरेकीन से दूरी की घोषणा पवित्र कुरान और हदीस पर आधारित है और हमेशा इमाम खोमैनी (र.अ.) और सुप्रीम नेता (Mdzlh Alaly)ने इस पर बल दिया है. 493944