IQNA

अयातुल्ला Khamenei के महान हज के बारे में विचारों की व्याख्या के लिऐ विशेष गोलमेज सम्मेलनः

6:54 - November 24, 2009
समाचार आईडी: 1853331
राजनीतिक समूह: पिछली रात मक्का Mokarrameh में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला Khamenei (Mdzlhalaly)के महान हज के हवाले से विचारों की व्याख्या के लिऐ उनके मक्का स्थित दफ्तर मे सामुदायिक गोलमेज़ कांन्फ्रेंस आयोजित की गई.
कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) मक्का अभियान रिपोर्ट के, इस बैठक में जो शनिवार 21 नवम्बर रात 9 से 11 बजे तक सुप्रीम नेता (Mdzlhalaly) के आफिस मक्का Mokarrameh में आयोजित हुई, डा. जयापातह माली संसद के सदस्य और शहरी हुक़ूक़ के वकील, और ब्रुनेई के 2 आदमी धार्मिक मामलों के विशेषज्ञ्य, पाकिस्तान विश्वविद्यालय और हौज़े के प्रोफेसरों की समिति, इस्लामी कार्यकर्ताओं का भारती अधिकारिक बोर्ड में, डा. Mojahedi जर्मनी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, और शेख गोलाम अली इमाम Jmat मस्जिद अल्हुदा थाईलैंड,ने भाग लिया और अपने दृष्टिकोण से अयातुल्ला Khamenei के हज विषय विचारों पर राय व्यक्त की,
रिपोर्ट के मुताबिक,इस गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने वालों में विशेष कर Fallahzadeh सुप्रिम नेता के मक्का दफ़तर मे अंतर्राष्ट्रीय उप सहायक, व Hojjatoleslam मीनाई दफ़तर के संकाय सदस्य की आध्यक्षता मे अंग्रेजी और अरबी भाषाओं में आयोजित हुई अयातुल्ला Khamenei की सोच में हज इब्राहीमी की अवधारणाओं पर चर्चा की गई.
इस बैठक आक़ाइ मीनाइ ने शुद्ध इस्लाम Mohammadi और इस्लाम Talabani का देते हुऐ कहा: कि इस्लाम तालिबानी जो पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में और अफगानिस्तान मे पनप रहा है जो लोगों को हिंसा और आतंक के ज़रये इस्लाम लाने पर मजबूर करते हैं, यह तरीका इस्लाम Mohammadi के अनुयायियों द्वारा स्वीकार नही हैं. जाहिर है, इस तरह के निमंत्रण शुद्ध इस्लाम Mohammadi स्वीकार्य नहीं,और इस तरह अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इस्लाम के सुंदर चेहरे को बदसूरत बनादेता है. क्यों कि हत्या और हिंसा का उपयोग कर के जगह बनाता है इस दृष्टिकोण के खिलाफ हम मानते हैं कि इस्लाम बुद्धि के आधार पर है और कोई भी आदेश बुद्धि के विपरीत नही करता है.
इस बैठक मे ऐक दूसरे शख़्स ने कहा कि तालेबान और मुल्ला उमर का इस्लाम फैलाने कातरीका अधिकतम मसल्मानो को स्वीकार नही है हम विश्वास रखते हैं कि इस्लाम की तब्लीग़ मे ज़बरदस्ती का सौदा नही है.क्यों कि कुरन भी इसी का हुक्म देता है, لا اكراه فی الدين قد تبين الرشد من الغی.पाकिस्तानी समित ने रोज़े क़ुद्स का ज़िक्र करते हुऐ कहा कि हज मुसल्मानो के लिऐ स्वर्णिम मौका है जिसमे इस्लामी दुन्या के सारे प्राब्लम का रास्ता निकाला जा सकता है उसी मे कुद्स भी है.जब इमाम ख़ुमैनी ने कहा कि मुसल्मान कुद्स के दिन प्रदर्शन करें और दुनया के सारे देशों मे मुसल्मनो ने ऐसा किया तो इस से मुस्लिम उम्मा की ऐकता प्रतीक हुई.
इस सम्मेलन मेइस्लाम व मुसल्मानो की जागरुकता विशेष करइस्लामी दुन्या की दर दिवसीय समस्याऐं,और मुसल्मन खुद अपनी परेशानयों के बारे मे विचार करें,वर्तमान मे तालेबान और उसके बदसूरत चेहरे कीजसे वह इस्लाम कहते हैं औरसोचते हैं कि इस्लम ताकत से फैलता है,
इस कान्फ्रेंस मे यह याद कराया गया कि हज के बहुत से काम "जैसे तवाफ़,रम्ये जमरा" हिंसा,ज़ुल्म,आतंक,ज़ोर ज़बर्दसती,बड़ाई,ताकत नुमाई से दूरी का हुक्म देते हैं तवाफ़ कुफ्र व शिर्क से दूर रहने को कहता है,
इस बैठक मे भाग लेने वालों ने अंत मे कुछ बातों पर मुहर लगाई.
तमाम मुसल्मान मक्काऔर मदीने मे मौसमे हज मे मुर्शेकीन से दुरी का ऐलान करेंगे,
सारे मुसल्मान इस काम मे ऐकता के साथ क़दम बढ़ाऐं गे,
इमाम (र.अ.) और सप्रीमनता का मैसेज वही है जो कुरान का है यानी मुर्शेकीन से दुरी,
हज मे मुस्लिम ऐकता और इमाम मेहदी अ.के ज़ुहूर की दुआ करना,
इस्लाम Mohammadi की ओरखांण करना और इस्लाम Talabani की हकीकत बताना,
हज के फल्सफ़े को हाजयों के सामने बयान करना,
इमाम र.अ. और रहबर के विचरों अधिक से अधिक फैलाना,
याद रहे कि यह सम्मेलन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला Khamenei (Mdzlhalaly)के अंतर्राष्ट्रीय सहायक की ओर से आयोजित की गई और बराबर ज्ञनिक चर्चाऐं होती रहीं और भविष्य मे सही इस्लमी द्रष्टकोण की तरफ़ मर्ग दर्शित करते रहेंगे। 497240


captcha