कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) risalehaber,के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य उन विकलांगों के लिए सेवाएं प्रदान करना है जो कुरान पढ़ने और सीखने में रुचि रखते हैं,.
इस परियोजना को 2009 में इस्तांबुल में शुरू हुई जिसके अन्तरगत 99 इमामे Jmat ने ब्रेल रस्मुल ख़त और 55 लोगों ने इशारे की भाषा सीखी.
इरफान Üstündağ) मुफ़्ती इस्तांबुल ने परिणाम पर संतोष जताया और कहा: हम अंधे और सुनवाई हानि लोगों को आसानी से मस्जिदों मे आने जाने के लिऐ तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं.ता कि कुरान व दीनी बातें समझ सकें
2010 में इस परियोजना को व्यापक स्तर पर ले जाऐंगे और इमाम Jmat अधिक ब्रेल लिपि और भाषा को सीखें गे. 505618