अंतरराष्ट्रीय समूह: हालांकि जब हम यूरोप और अमेरिका में एक बड़ा हिस्सा आतंकवादी इस्लाम देख रहे हैं, लेकिन अब पूर्वी गैर मुस्लिम और कम्युनिस्ट देशों के कुछ देशों में भी देखा जा रहा है और यह देश अपनी ही जनता को अशांति और असंतोष का सामना करने के बहाने से आतंकवादी कहती है जिस से इन लोगों में इस्लामी लहर व जागरण हो रहा है हालांकि वो लोग यह बात मानने को तय्यार नही हैं.
लेखक और धार्मिक विज्ञान के विद्वान मोहम्मद रज़ा सालेह ने ईरान के कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के साथ एक साक्षात्कार में कहा: आतंकवादी इस्लाम एक विशेष उत्पत्ति है जो जटिल सांस्कृतिक और दुनिया में इस्लामी सिद्धांतों से जिद रखने वालों ने पैदा किया है, हालांकि यह घटना हमारे समय की शुरुआत नहीं है बल्कि इस्लाम के उदय से पहले की है जो यहूदी धर्म और मुश्रिकीन ने इस्लाम के पैगंबर (PBUH) और इस्लामी विचार और शिक्षाओं के पास आने दूसरों को रोकते थे.
, लेखक और धार्मिक विज्ञान के शोधकर्ता मोहम्मद रज़ा सालेह ने कहा: इस्लामी क्रांति ईरान,के बाद इस्लाम की शिक्षाओं का तरंग जगा और दुनिया के दूरदराज हिस्सों में इतनी जल्दी फैल गया कि सभी प्रणालियों, विचारों और संस्कृतियों को चुनौती देने लगा और पश्चिम के सभी सिद्धांतों को विनाश का सामना करना पड़ रहा है और अगर ज़हरीला प्रोपेगंडा, विज्ञापन और बाधाऐं पवित्र क्रांति के सामने न होतीं तो आज इस्लाम आज दुनिया पर विजय प्राप्त कर लेता. 537778