अंतरराष्ट्रीय समूह: इस्लामी दुनिया में वह ulama और बुज़ुर्ग जो अपने धार्मिक भाइयों को काफ़िर कहते हैं इस्लामी Ummah के बीच आतंकवादियों,हुकूमत परस्त व मुफ़्सिद ताक़तों के नौकर हैं जो दावा मुसल्मान होने का करते हैं और दुश्मनों के हितों की सेवा में हैं.
कुरान समाचार एजेंसी (IQNA), 23 वें इंटरनेशनल इस्लामिक एकता सम्मेलन स्थान के मुताबिक "तौफ़ीक़ अली वहबा" अध्ययन केन्द्र और शोध मिस्र अरबी के प्रमुख ने कहा: इस्लामी Ummah के दुश्मन कई प्रयोजना रखते हैं जिन में मुसलमानों को कमजोर, और विफल करना,उनकी स्वतंत्रता और स्वतंत्रता को नष्ट करदेना है क्योंकि वे लोग सच्चे इस्लाम से जो कि विभाजन के मुक़ाबिल एकता और सामंजस्य पर जोरदेता है,डरते हैं.
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