"Mojtaba राई, लेखक और फिल्म निर्देशक ने ईरान के कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) शाखा Khorasan रज़वी के साथ एक साक्षात्कार में इस अभिव्यक्ति के साथ कहा: हम इराक के साथ 8 वर्षों तक जंग करते रहे और यह स्वाभाविक है कि 100 साल तक ऐक दूसरे के लिऐ घृणा रखें क्योंकि सबसे हम लोगों के अच्छे लोग इस युद्ध मे शहीद हुऐ,जिन को अब अद्वितीय(बेनज़ीर) लोग कह सकते हैं, लेकिन क्या है कि आज हम एक साथ हैं और एक दूसरे को स्वीकार कर रहे हैं.
उन्हों ने इसका रहस्य धर्म को बताया और फिर कहा: इमामों और धर्म ने हम को सुलह और एक साथ कर दिया.मै ने दोनो हरम के बीच किसी को देखा जो मेरे जूते राफ़ कर रहा है, और कहा तुम इमाम हुसैन (अ.) के तीर्थयात्रियों में से हो उसने कहा कि मैं युद्ध में तुम्हारे सामने था और क़ैद भी किया गया था लेकिन आप को प्यार करता हूँ क्योंकि हम दोनों इमाम हुसैन (अ.) को प्यार करते हैं. 552849