कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के अनुसार, न्यूज नेटवर्क "Rasd उद्धृत,के हवाले से, इस कथन मे जो 9 अप्रेल को जारी किया गया था हस्ताक्षर करने वालों ने उन शियों की स्वतंत्रता पर दिया गया है जो अपने घर शहर "अल-ख़ुब्र" में प्रार्थना स्थापना के बहाने क़ैद करलिऐ गऐ हैं.
सऊदी अरब के शिया मौलवियों ने इस बयान में, सुरक्षा बलों के शियाओं के ऊपर दबाव और "अल-ख़ुब्र" में प्रार्थना स्थापना से शियों को रोकना शियाओं के विरुध स्पष्ट भेदभाव है और आशा की है कि सऊदी अधिकारी गंभीर और स्पष्ट उपाय करके ऐसी बातों के रोकने के लिए क़दम उठाऐं गे,
इस बयान के अंत में हस्ताक्षरकर्ताओं ने बल पूर्वक शिया नागरिकों को पूर्ण तरह से आज़ादी देने को कहा और सऊदी अधिकारियों से "Alshrqyh"क्षेत्र मे शिया मस्जिदों और धार्मिक केन्द्रों के निर्माण की अनुमति देने के लिए कहा.
Hojjatoleslam"हसन सफ़्फ़ार" ख़तीब व इमामे जुमा क़तीफ़, Hojatoleslam हसन अल-नम्र" सऊदी अरब मे शिया वडील, Hojjatoleslam "सै. मुनीर अल-ख़ब्बाज़"प्रसिद्ध उपदेशक "सै. हाशिम अश-शख़्स" शिया मौलवियों से, और "शेख मोहम्मद अल-इबाद "Qtyf के न्यायाधीश ने बयान पर हस्ताक्षर किए है.
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